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गुजरात: 21 साल के दलित को मिली घोड़ी पर सवारी करने की सजा, उच्च जाति के दबंगों ने मार डाला

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 March 2018, 9:32 IST

गुजरात में एक दलित युवक को सिर्फ इसलिए मार दिया गया क्योंकि वह घोडी रखता था. सिर्फ दो महीने पहले ही युवक घोड़ी लेकर आया था लेकिन उसे नहीं पता था कि उसको घोड़ी रखना इतना भारी पड़ जाएगा. मामला भावनगर के टींबा गांव की है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टींबा गांव के 21 साल के युवक प्रदीप राठौर को घोड़ी रखने का बहुत शौक था. उसने घरवालों से जिद करके दो महीने पहले ही घोड़ी ली थी, लेकिन दबंगों को उसका घोड़ी खरीदना और उस पर चढ़ना बर्दाश्त नहीं हुआ. गुरुवार देर शाम को वह किसी काम से घर के बाहर गया था.

 

बाहर जाने से पहले उसने अपने पिता को रात में साथ खाना खाने को कहा था. देर शाम जब प्रदीप वापस नहीं लौटा तो पिता उसे ढूंढते हुए गांव के बाहर गए. गांव से कूछ दूर पर प्रदीप की लाश मिलने पर उनके पांव के नीचे से जमीन खिसक गई. पास में ही घोड़ी बंधी थी.

प्रदीप के पिता को मामला समझते देर नहीं ल़गी. क्योंकि कई बार गांव के दबंग उन्हें घोड़ी चढ़ने से मना करते थे और उन्हें जान से मारने की धमकी भी देते थे. पिता ने बताया, "प्रदीप कहता था कि वह घोड़ी बेच देगा लेकिन मैंने मना कर दिया था. उन्होंने बताया कि कल शाम वो घोड़ी चढ़कर खेत गया था. जाने से पहले उसने कहा कि वह रात का खाना मेरेे साथ खाएगा. लेकिन यहां उसकी लाश मिली."

 

प्रदीप का शव भावनगर के सर टी. अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाया गया, जहां उनके परिजनों ने शव को वापस ले जाने से इंकार कर दिया. परिवार के लोगों का कहना है कि जब तक सभी आरोपी गिरफ़्तार नहीं कर लिए जाते, वो अपने बेटे के शव को वापस नहीं ले जाएंगे.

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पुलिस शिकायत में प्रदीप के पिता ने कहा है कि पीपराला गांव के लोग ने उन्हें आठ दिन पहले घोड़ी न चढ़ने की बात कही थी. वो उनका नाम नहीं जानते पर उस व्यक्ति ने घोड़ी को बेचने को कहा था. ऐसा नहीं करने पर हत्या की धमकी भी दी थी. वहीं उमराया के पुलिस इंस्पेक्टर केजे तलपड़ा ने बताया कि घटना की शिकायत दर्ज कर ली है और जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है और मामले की बेहतर जांच के लिए भावनगर क्राइम ब्रांच की मदद ली जाएगी.

First published: 31 March 2018, 9:32 IST
 
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