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गुजरात: सोमनाथ पिटाई मामले की होगी सीआईडी जांच, दलित समाज का उग्र प्रदर्शन

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 July 2016, 13:25 IST

गुजरात में दलित युवकों की पिटाई के मामले में मुख्यमंत्री ने सीआईडी जांच के आदेश दिए हैं. सीएम आनंदी बेन पटेल ने मामले की तेज सुनवाई के लिए एक विशेष अदालत बनाने का भी एलान किया है.

पुलिस के मुताबिक ग्यारह जुलाई को सोमनाथ जिले के वेरावल इलाके के ऊना गांव में कथित तौर पर जानवरों के चमड़ा उतारने के मामले में दलित युवकों की पिटाई की गई थी. घटना का वीडियो वायरल हो गया था.

वेरावल के ऊना गांव का मामला

पुलिस के मुताबिक वेरावल के ऊना गांव के दलित युवक मरे हुए जानवर की खाल उतार रहे थे, तब खुद को गौरक्षक कार्यकर्ता बताने कुछ वाले लोगों ने दलित युवकों को कथित तौर पर कार के पीछे बांधकर उनकी बुरी तरह पिटाई की थी.

पढ़ें: वीडियो: गुजरात के सोमनाथ में गाय का चमड़ा उतारने वालोंं की सरेआम पिटाई

घटना का वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया था. लेकिन आरोप लगे कि कानून की कड़ी धाराओं के तहत केस दर्ज नहीं किया गया.

अहमदाबाद में प्रदर्शनकारियों ने दो रोडवेज बसें फूंक दी (पत्रिका)

सात लोगों ने की सुसाइड की कोशिश

इस बीच घटना के खिलाफ गुजरात में कई जगह दलित समाज ने उग्र विरोध प्रदर्शन किया. घटना के विरोध में सात लोगों ने आत्महत्या का प्रयास किया है.

राजकोट जिले के गोंडल शहर में पांच लोगों ने ज़हर पीकर आत्महत्या का प्रयास किया, जबकि जामकडोरना गांव में दो युवकों ने ज़हर पी लिया.

अहमदाबाद में प्रदर्शनकारियों ने राजकोट गोंडोल हाइवे को रोक दिया. इस दौरान राज्य परिवहन की दो बसों को आग के हवाले कर दिया गया.

प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि ऊना में पुलिस ने दोषियों के खिलाफ़ कार्रवाई में देरी की, लिहाजा पुलिस के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए.

विशेष अदालत में होगी सुनवाई

हिंसा पर राजकोट के एसपी अंतरिप सूद का कहना है कि करीब 500 दलित प्रदर्शनकारियों ने हाईवे को जाम कर दिया, लेकिन प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया गया है कि उनके साथ न्याय होगा.

पीटीआई के मुताबिक मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया है, "ऊना में दलितों की पिटाई के मामले की जांच सीआईडी (क्राइम) से कराने आदेश दे दिए गए हैं. साथ ही मुकदमे में तेज़ी लाने के लिए एक विशेष अदालत की स्थापनी की जाएगी."

चार पुलिसकर्मी हुए थे सस्पेंड

साथ ही गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने इस मामले में कहा है कि खुदकुशी की कोशिश करने वाले सात दलित युवकों के इलाज की ज़िम्मेदारी राज्य सरकार की होगी.

पुलिस के खिलाफ लगे आरोपों के बाद चार पुलिस कर्मियों को इस मामले में निलंबित कर दिया गया था. लेकिन अभी दलित समुदाय का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है.

First published: 19 July 2016, 13:25 IST
 
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