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कोरोना वायरस के बाद भारत में खतरनाक बर्ड फ्लू का कहर, कई राज्यों में जारी किया गया हाई अलर्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 January 2021, 15:14 IST

Bird Flu in India: देश में खतरनाक कोरोना वायरस जाने का नाम नहीं ले रहा है, इस बीच बर्ड फ्लू ने भी देश के कई राज्यों में अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है. देश के पांच राज्यों राजस्थान, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और केरल में में बर्ड फ्लू का संकट मंडराने लगा है. 

इन पांचों राज्यों में हजारों पक्षियों की मौत ने देश की एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है. इन जगहों मे मृत पाए गए कुछ पक्षियों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी है. कोरोना संकट के बाद बर्ड फ्लू के कहर ने प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग के भी कान खड़े कर दिए हैं. सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इन दोनों ही बीमारियों के लक्षण काफी हद तक मिलते हैं.

एक लाख मुर्गियों की हो चुकी है मौत

आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि हरियाणा का पोल्ट्री हब कहे जाने वाले अंबाला तथा पंचकुला जिलों में एक लाख से ज्यादा मुर्गियां मृत पाई गई हैं. ये मुर्गियों सैंपल जांच के लिए लैब भेजी गई हैं. उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक अचानक लाखों पक्षियों की मौत से पूरे देश में एक बार फिर हड़कंप मचना शुरू हो गया है.

देश में कई जगह कौवे, बत्तख, मुर्गियों तथा बगुले की मौत को लेकर खलबली मच गई है. यहां तक कि राजस्थान में धारा-144 लगा दी गई है. सबसे ज्यादा कौवों की मौत हो रही है. कौवों मेंं इस घातक वायरस के पाए जाने के बाद गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश की सरकार ने पूरे राज्य में अलर्ट जारी किया है.

मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग ने इस बाबत कहा कि राज्य में कौवों की मौत पर प्रभावी नियंत्रण लगाने के लिए पशुपालन मंत्री के निर्देश पर अलर्ट जारी किया गया है. राज्य के सभी जिलों को सतर्क रहने तथा पक्षियों की मौत की सूचना पर भारत सरकार द्वारा जारी निर्देशों के तहत कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं.

40 हजार पक्षियों की करनी पड़ेगी हत्या

केरल के कोट्टायम तथा अलप्पुझा जिलों के कुछ हिस्सों में भी बर्ड फ्लू फैलने की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों तथा उसके आसपास कई किमी के दायरे में बत्तख, मुर्गियों तथा अन्य घरेलू पक्षियों को मारने का आदेश दिया है. अधिकारियों का कहना है कि एच5एन8 वायरस के प्रसार की रोकथाम के लिए करीब 40,000 पक्षियों की हत्या करनी पड़ेगी.

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First published: 5 January 2021, 14:58 IST
 
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