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दारुल उलूम का फतवा- मुस्लिम महिलाओं का बाजार में जाकर चूड़ी पहनना गुनाह

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2018, 15:58 IST

दारुल उलूम देवबंद ने मुस्लिम महिलाओं को लेकर एक फतवा जारी किया है. फतवे में दारुल उलूम ने कहा है कि मुस्लिम महिलाओं का बाजारों में जाकर या कहीं भी गैर-महरम मर्दों से चूड़ियां पहनना गलत है.

देवबंद के मुफ़्ती तारिक क़ासमी ने फतवा जारी करते हुए कहा कि गैर-महरम का अजनबी औरतों को चूड़ी पहनाना नाजायज़ और गुनाह है, जिनसे खून का रिश्ता न हो, ऐसे मर्दों के हाथों से चूड़ी पहनने के लिए औरतों का बाहर निकलना भी मना है.

दरअसल, देवबंद के मोहल्ला बड़जियाउलहक निवासी अहमद गौड़ ने दारुल उलूम के इफ्ता विभाग से लिखित सवाल में पूछा था कि हमारे यहां आम तौर पर चूड़ियां बेचने और पहनाने का काम मर्द करते हैं. औरतों को चूड़ियां पहनने के लिए घर से निकलना पड़ता है और अपने हाथ गैर मर्दों के हाथों में देने पड़ते हैं. क्या इस तरह घर से निकलकर या घर में रहकर औरतों का गैर-मर्दों से चूड़ी पहनना जायज है?

 

इस पर दारुल उलूम देवबंद के मुफ्तियों की खंडपीठ ने कहा कि गैरमहरम मर्द का अजनबी औरतों को चूड़ी पहनाना नाजायज और गुनाह है. देवबंद के मुफ़्ती तारिक क़ासमी ने कहा जिनसे खून का रिश्ता न हो, ऐसे मर्दों के हाथों से चूड़ी पहनने के लिए औरतों का बाहर निकलना भी मना है. फतवे में इसे गुनाह बताया गया है.

 

हालांकि फतवे में ये भी कहा गया है कि चूड़ियां पहनना गलत नहीं है. लेकिन वो किसी गैर मर्द के हाथों से न पहनी जाएं. मुस्लिम महिलाएं बाजार से चूड़ियां मंगाएं और खुद उन्हें पहनें.

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तंजीम अब्नाए दारुल उलूम के अध्यक्ष मुफ्ती यादे इलाही कासमी ने दारुल उलूम द्वारा जारी फतवे को पूरी तरह सही बताते हुए कहा, इस्लाम ने औरतों को गैर मर्दों से पर्दा करने का हुक्म दिया है. इसलिए मुसलमान औरतों को चाहिए कि या तो वह चूड़ियां किसी औरत के हाथ से ही पहने या फिर अपने हाथों से चूड़ियां पहनने की आदत डालें.

First published: 11 February 2018, 16:00 IST
 
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