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दारुल उलूम देवबंद: समान नागरिक संहिता को किसी भी कीमत पर नहीं स्वीकार करेंगे

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 October 2016, 9:05 IST
(एजेंसी)

दारुल उलूम देवबंद ने तीन तलाक और समान नागरिक संहिता जैसे विवादास्पद मुद्दे पर बयान जारी करते हुए कहा है कि तीन तलाक इस्लाम का जरूरी हिस्सा है और मुस्लिम समाज किसी भी कीमत पर समान नागरिक संहिता को स्वीकार नहीं करेगा.

दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने कहा कि इसके लिए पर्सनल लॉ बोर्ड के नेतृत्व में दारुल उलूम सहित सभी जमातें देशभर में अभियान चलाएंगी.

दारुल उलूम के नोमानी ने एक समाचार पत्र के साथ बातचीत में कहा कि इस बात पर हम पूरे मुल्क के मुस्लिम महिलाओं और पुरुषों के दस्तखत इकट्ठा कर रहे हैं, ताकि यह मालूम हो जाए कि जिन्हें इसके लिए खड़ा किया गया है, वह एक फीसदी भी नहीं हैं.

नोमानी ने कहा, "इस पूरे अभियान में हमारा नेतृत्व मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड कर रहा है. जहां तक इस्लाम में औरतों के हक की बात है जितना सम्मान इस्लाम धर्म में औरतों को है उतना शायद किसी धर्म में नहीं है. यहां उनका हक विरासत में दिया जाता है."

दारुल उलूम के मोहतमिम ने इस पूरे मामले में मोदी सरकार को भी आड़े हाथ लिया और इसे केंद्र सरकार के मेनिफेस्टो का हिस्सा करार दिया.

'तीन तलाक के खिलाफ प्रोपेगेंडा'

मुस्लिम मुल्कों में तीन तलाक का चलन खत्म होने की बात को एक प्रोपेगेंडा करार देते हुए नोमानी ने कहा कि जो इस तरह की अफवाह फैला रहे हैं, पहले तो वो बताएं कि वो कौन से इस्लामी मुल्क हैं, जहां तीन तलाक नहीं है. यहां तक कि सबसे बड़े मुस्लिम देश सऊदी अरब की धार्मिक कमेटी ने मीटिंग करके फैसला कर दिया है कि तीन तलाक दिए जाएंगे.

समान नागरिक संहिता पर नोमानी ने कहा कि क्रिमिनल कोर्ट के अंदर देश में एक कानून लागू है और सब उसे मानते हैं. धार्मिक चीजों के अलावा किसी को कोई ऐतराज नहीं है. भारत में बहुत से धर्म और जाति के लोग रहते हैं और हर एक का अपना सिविल कोर्ट है.

उन्होंने कहा, "संविधान में सभी को अपने मजहब को मानने की आजादी दी गई है. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अंदर निकाह, तलाक, इद्दत, गोद लेने सहित 14 चीजों को रखा गया है. इसके अलावा जितनी चीजे हैं उस पर अदालत फैसला करती है. इसलिए मुसलमान हर हाल में पाबंद है कि वह अपने मजहब की किताब कुरान की पैरवी करें."

First published: 17 October 2016, 9:05 IST
 
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