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महाराष्ट्र: सांगली में सामने आया कन्या भ्रूण हत्या का रैकेट, 19 मादा भ्रूणों के अवशेष मिले

अश्विन अघोर | Updated on: 6 March 2017, 19:37 IST

महाराष्ट्र के सांगली जिले में गर्भ गिराने से एक महिला की मौत हो गई. इसी मौत की जांच के दौरान कन्या भ्रूण हत्या के एक रैकेट का खुलासा हुआ है. जिस अस्पताल में महिला की मौत हुई थी, उससे सटी जमीन में पुलिस को 19 भ्रूणों के अवशेष मिले हैं.

सांगली जिले के मनेराजुरी गांव के प्रवीण जमड़ादे की पत्नी स्वाति गर्भवती थीं. प्रवीण लड़का चाहता था इसलिए स्वाति को एक मार्च को डॉ. बाबासाहेब खिद्रापुरे के पास सोनोग्राफी के लिए ले गया. खिद्रापुरे का सांगली जिले के मीराज के पास म्हैसल में एक अस्पताल है. स्वाति की जांच के दौरान, डॉ. खिद्रापुरे ने भ्रूण के सेक्स की भी जांच की. इससे मालूम हुआ कि लड़की होगी तो प्रवीण ने गर्भपात का फैसला कर लिया.

डॉ. खिद्रापुरे ने प्रवीण को भरोसा दिया था कि वे गर्भ गिरा देंगे और किसी को पता नहीं चलेगा. अनुबंध के अनुसार डॉ. खिद्रापुरे ने गर्भपात की प्रक्रिया शुरू की, पर बदकिस्मती से उनसे चूक हो गई, जबकि इससे पहले वे हजारों गर्भ गिरा चुके थे. स्वाति ऑपरेशन टेबल पर ही मर गईं.

जब स्वाति के रिश्तेदारों को उसकी मौत की जानकारी मिली, वे अस्पताल में इकट्ठे हुए. उन्हें लगा, यहां कुछ गड़बड़ हुई है इसलिए पोस्टमार्टम की मांग की और शव को सांगली सिविल हॉस्पिटल ले गए. उन्होंने कहा, जब तक ‘सच्चाई’ का पता नहीं चल जाता, वे दाह संस्कार नहीं करेंगे.

मामला मीराज पुलिस तक गया. पुलिस ने प्रवीण जमड़ादे और उसके परिवार के सदस्यों का मामला आईपीसी की धारा के तहत दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार कर लिया. स्वाति जमड़ादे का अंतिम संस्कार 2 मार्च को किया गया.

पूछताछ में खुलासा

पुलिस पूछताछ के दौरान प्रवीण ने बताया कि स्वाति की मौत गर्भ गिराने के दौरान हुई. इसके बाद डॉ. खिद्रापुरे के विरुद्ध भी मामला दर्ज किया गया. गिरफ्तारी के डर से डॉ. गांव से फरार हो गया. पुलिस ने अस्पताल पर छापा मारा और विभिन्न दस्तावेज कब्जे में लिए. इन दस्तावेजों से खुलासा हुआ कि अस्पताल में गैरकानूनी गर्भपात का सिलसिला काफी समय से चल रहा था.

मामले की जांच कर रहे अधिकारी भरत शिंदे ने कहा, ‘हमें शक है कि डॉ. खिद्रापुरे गैरकानूनी गर्भपात का रैकेट चला रहे थे और कन्या भ्रूण हत्या अस्पताल में बराबर हो रही थी. हम उन्हें गिरफ्तार करते, उससे पहले वे गांव से फरार हो गए. हालांकि उन्हें पकड़ने के लिए टीमें भेजी गई हैं.’

मीराज रूरल हेल्थ सेंटर से चिकित्सों की एक खास टीम और अन्य अधिकारी अस्पताल पर छापे के दौरान पुलिस के साथ थे. शिंदे ने आगे कहा, ‘दिलचस्प है कि डॉ. खिद्रापुरे गर्भ गिराने में प्रशिक्षित नहीं है. हम इसकी भी जांच कर रहे हैं कि उन्हें इस काम में कौन सहयोग कर रहा है.

ज़मीन में दबा देते थे अवशेष

सूत्रों ने कहा कि खिद्रापुरे होम्योपैथी डॉक्टर हैं और गर्भ गिराने का काम गैरकानूनी करते थे. इस तथ्य के बावजूद कि खिद्रापुरे होम्योपैथी डॉक्टर हैं, उन्होंने सभी उपकरणों से लैस ऑपरेशन थिएटर बना रखा है, जिससे पता चलता है कि वे लंबे समय से इस गैरकानूनी धंधे में लिप्त थे. जांच से खुलासा हुआ है कि खिद्रापुरे भ्रूण के अवशेष अस्पताल के पास की जमीन में दबा देते थे. पुलिस ने 19 भ्रूणों के अवशेष निकाले हैं.

शिंदे ने बताया, ‘शुरुआती जांच से पता चलता है कि डॉ. खिद्रापुरे इलाके में बहुत ही नियोजित तरीके से गैरकानूनी गर्भपात का रैकेट चलाते थे. आशंका है कि उन्होंने अस्पताल में हजारों गर्भ गिराए होंगे.’ पर महाराष्ट्र में केवल यहीं ऐसा नहीं हुआ है. तीन साल पहले बीद जिले की पराली तहसील में एक और कन्या भ्रूण हत्या के रैकेट का खुलासा हुआ था. इसे डॉ. सुदम और डॉ. सरस्वती मुंडे चला रहे थे.

पराली में मुंडे का अस्पताल था, जहां से उनका रैकेट काम करता था. उन पर आरोप था कि उन्होंने लाखों गैरकानूनी कन्या भ्रूण हत्याएं की हैं. जांच से यह भी मालूम हुआ कि मुंडे के पास दो शिकारी कुत्ते थे. वे भ्रूणों के अवशेष उन कुत्तों को खिला देते थे.

First published: 7 March 2017, 7:49 IST
 
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