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कर्नाटक पर फैसला : सुप्रीम कोर्ट का फैसला क्यों बीजेपी के लिए बड़ा झटका है ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 May 2018, 13:21 IST

कर्नाटक में सरकार बनाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को शाम 4 बजे फ्लोर टेस्ट करने का का वक्त दे दिया है. इस फैसले को बीजेपी के लिए बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है. इससे पहले अदालत में बीजेपी की ओर से मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि फ्लोर टेस्ट के लिए कम से कम एक हफ्ते का वक्त दिया जाये लेकिन अदालत ने इससे इंकार कर दिया. अदालत का मानना था कि इससे खरीद फरोख्त हो सकती है. गौरतलब है कि कर्नाटक के राज्यपाल ने बीजेपी को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का वक़्त दिया था. 

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया क्यों न बहुमत एक दिन बाद ही सिद्ध किया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 2 विकल्प है-राज्यपाल के फैसले का टेस्ट किया जाए और शनिवार को ही फ्लोर टेस्ट हो. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह एक नंबर गेम है और राज्यपाल को यह देखना होगा कि कौन सी पार्टी के पास बहुमत है. 

सुनवाई के दौरान कांग्रेस के वकील सिंघवी ने कहा कि कांग्रेस शनिवार को बिना किसी देरी के फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार है.  सिंघवी ने कहा कि विधायक बिना डरे वोट कर सके इसके लिए पूरी सुरक्षा और विडियोग्राफी होनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह डीजीपी को आदेश देगा ताकि शनिवार को फ्लोर टेस्ट ठीक से हो सके

कांग्रेस के वकील सिंघवी ने पूछा कि राज्यपाल यह कैसे सोच सकते हैं कि बीजेपी बहुमत साबित कर सकती है जब जेडीएस और कांग्रेस के पास बहुमत है.

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गुरुवार को येदियुरप्पा के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें चार्ज लेने से रोकने के लिए इनकार कर दिया था. फ़िलहाल बीजेपी के पास 105 विधायक हैं, जिनमें एक निर्दलीय भी शामिल है. वहीं दूसरी ओर कांग्रेस और जेडी एस के गठबंधन का कहना है कि उनके पास 116 सीटें हैं, जो बहुमत से से चार अधिक हैं.

कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी की मांग है कि भाजपा उन विधायकों के नाम बताए जिनके समर्थन का वो दावा कर रही है. उनका दावा है कि येदियुरप्पा ने बहुमत साबित करने के लिए राज्यपाल से चिट्ठी में सात दिनों का समय मांगा था, लेकिन राज्यपाल ने उन्हें 15 दिनों का समय दे दिया.

हालांकि कांग्रेस राज्यपाल को दी गई येदियुरप्पा की उस चिट्ठी को नहीं दिखा पायी जिसमे सरकार बनाने के लिए बहुमत का जिक्र था. चिदंबरम का कहना है कि यही चिट्ठी येदियुरप्पा के किस्मत का फैसला करेगी क्योंकि इसमें 104 से बड़ी संख्या काकोई जिक्र नहीं है.

गुरुवार को येदियुरप्पा के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें चार्ज लेने से रोकने के लिए इनकार कर दिया था.फ़िलहाल बीजेपी के पास 105 विधायक हैं, जिनमें एक निर्दलीय भी शामिल है. वहीं दूसरी ओर कांग्रेस और जेडी एस के गठबंधन का कहनाहै कि उनके पास 116 सीटें हैं, जो बहुमत से से चार अधिक हैं.

कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी की मांग है कि भाजपा उन विधायकों के नाम बताए जिनके समर्थन का वो दावा कर रही है. उनका दावा है कि येदियुरप्पा ने बहुमत साबित करने के लिए राज्यपाल से चिट्ठी में सात दिनों का समय मांगा था, लेकिन राज्यपाल ने उन्हें 15 दिनों का समय दे दिया.

First published: 18 May 2018, 11:49 IST
 
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