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आरटीआईः 92 फीसदी केंद्रीय मंत्री अपने कामकाज का ब्यौरा नहीं दे रहे

शौर्ज्य भौमिक | Updated on: 15 October 2016, 4:32 IST
(सजाद मलिक/कैच न्यूज़)
QUICK PILL
  • 23 जून को देश के केबिनेट सचिव ने केंद्र सरकार के सभी मंत्रियों और विभागों को निर्देश दिए थे कि वे अपने-अपने विभागों  की वेबसाइट पर हर महीने के कामकाज का ब्यौरा प्रकाशित करें. 
  • मगरग ज़मीनी हक़ीक़त ये है कि तीन-चौथाई से अधिक मंत्रियों और विभागों ने इस निर्देश का पालन नहीं किया. इस बीच सूचना का अधिकार अधिनियम लागू हुए 11 साल भी हो गए हैं. 

1987 में अस्तित्व में आए एक एनजीओ कॉमनवैल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव (सीएचआरआई) ने आरटीआई के तहत इसका खुलासा किया है. इसकी रिपोर्ट कहती है कि 92 प्रतिशत मंत्रियों ने अपनी कार्य रिपोर्ट प्रकाशित नहीं की. जबकि 1987 के कैबिनेट के आदेशानुसार, हर मंत्रालय और विभाग को हर महीने की 10 तारीख को मंत्रिपरिषद् को कार्य रिपोर्ट भेजनी अनिवार्य है.

कुछ रिपोर्टों को अलग किया जा सकता है लेकिन कोयला मंत्रालय से इतर कोई भी मंत्रालय या विभाग 1987 के आदेश के तहत मासिक रिपोर्ट प्रकाशित नहीं करता. 82 फीसदी केंद्र सरकार के विभागों ने मासिक रिपोर्ट प्रकाशित नहीं की. 

पिछले साल भी कैबिनेट सचिव ने आरटीआई के जरिये इन रिपोर्टों को सार्वजनिक करने के सीएचआरआई के प्रयासों को ठुकरा दिया था. उनका कहना था कि ऐसा करना इसके संसाधनों का गलत इस्तेमाल होगा. वहीं सीएचआरआई ने कहा है सचिव का रिपोर्ट सार्वजनिक करने से इनकार करना कानून सम्मत तो नहीं है.

केंद्रीय सूचना आयोग की सिफ़ारिश

मामला जब केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) पहुंचा तो सीआईसी ने अप्रैल 2016 में कैबिनेट सचिव रिपोर्ट जारी करने की सिफ़ारिश की. साथ ही सलाह दी कि वह ऐसी प्रणाली विकसित करें कि सभी विभाग और मंत्रालय 1987 के आदेश की अनुपालना में रिपोर्ट प्रकाशित करने को बाध्य हों.  

सीआईसी के निर्देश के दो महीने बाद कैबिनेट सचिव ने आदेश दिए कि 'सभी मंत्रालयों व विभागों की गतिविधियों के बारे में पारदर्शिता और जनता को जानकारी उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से यह तय किया गया है कि सभी मंत्रालय व विभाग अपनी मासिक उपलब्धियों, महत्वपूर्ण बदलाव और घटनाओं की जानकारी देने के लिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक मासिक रिपोर्ट अपलोड कर सकते हैं'.

महज़ आठ मंत्रालयों ने दी सूचना

इसके बाद कैबिनेट सचिव के आदेश का पालन करते हुए कुछ मंत्रालयों ने मासिक रिपोर्ट प्रकाशित की. मगर सिर्फ़ आठ मंत्रालयों ने अपनी मासिक प्रगति रिपोर्ट पेश की. इनमें कार्मिक व प्रशिक्षण विभाग, प्रशासनिक सुधार व जन शिकायत विभाग, पशुपालन, डेयरी व मत्स्य पालन विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, औद्योगिक नीति व प्रगति, सार्वजनिक उपक्रम, सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग और निवेश व सार्वजनिक निवेश प्रबंधन विभाग शामिल हैं. 

हालांकि केंद्र की एनडीए सरकार एक पाक्षिक रिपार्ट प्रस्तुत करती है. साथ ही महत्वपूर्ण विषयों पर बहस के अलावा मंत्रालय संसद में अपनी रिपोर्ट भी प्रस्तुत करते हैं. कुछ ने तो एनडीए सरकार के दो साल के कार्यकाल में हुई प्रगति पर ई-बुक्स का प्रकाशन करना भी शुरू कर दिया है. लेकिन अनियमितता और विश्वसनीयता इस काम में सबसे बड़ी बाधा है.

First published: 15 October 2016, 4:32 IST
 
शौर्ज्य भौमिक @sourjyabhowmick

संवाददाता, कैच न्यूज़, डेटा माइनिंग से प्यार. हिन्दुस्तान टाइम्स और इंडियास्पेंड में काम कर चुके हैं.

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