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केजरीवाल सरकार के 70 में से 67 वादे फेल, बदतर है दिल्ली की जमीनी हकीकत- रिपोर्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 May 2019, 12:10 IST

पब्लिक पॉलिसी रिसर्च सेंटर (पीपीआरसी) की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दिल्ली की अरविंद केेजरीवाल सरकार द्वारा किए 70 में से 67 वायदे फेल साबित हुए हैं. बता दें कि केजरीवाल सरकार ने साल 2015 में विधानसभा चुनाव के दौरान दिल्ली की जनता से 70 लुभावने वादे किए थे. लेकिन रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि केजरीवाल सरकार 67 वादों को पूरा करने में नाकाम रही है.

रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली सरकार जिस शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए अपने काम को सबसे अच्छा बताती है, लेकिन जमीनी स्थिति कुछ और है. आम आदमी पार्टी ने जिन 70 प्वाइंट एक्शन प्लान को जनता के समक्ष रखा था इसमें पूरी दिल्ली में फ्री वाई-फाई देने की योजना पर खूब चर्चा हुई थी लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि वाई-फाई शुरू भी नहीं हो पाई.

 

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दिल्ली सरकार के मुफ्त वाईफाई की योजना कहीं भी शुरू नहीं हो पाई है. वहीं महिला सुरक्षा और सीसीटीवी की भी स्थिति बेहद चिंताजनक है. दिल्ली में पीने के पानी की व्यवस्था बेहद खराब है. लोगों की तरफ से सीवर की गंदगी से पानी मिलने की शिकायतों में पचास फीसदी से ज्यादा का इजाफा किया गया है.

रिपोर्ट में बताया गया है कि केजरीवाल सरकार का स्वास्थ्य का दावा भी झूठा है. दिल्ली की स्वास्थ्य की स्थिति बेहद बदतर स्थिति में है. दिल्ली की बहुचर्चित मोहल्ला क्लीनिक की जमीनी स्थिति बेहद खराब है. मोहल्ला क्लीनिकों पर डॉक्टरों, दवाओं एवं अन्य सुविधाओं के नाम पर पैसा तो जमकर खर्च हो रहा है लेकिन ज्यादातर मोहल्ला क्लीनिकों में आवारा पशु घूम रहे हैं. अस्पतालों में बिस्तरों को बढ़ाने के लिए किए गए वादों में 40% से ज्यादा वादे पूरे नहीं किए गए हैं.

 

जहां एक तरफ पूरे देश में आयुष्मान योजना से 20 लाख से ज्यादा परिवार लाभ उठा रहे हैं, वहीं दिल्ली सरकार ने अपने नागरिकों को इससे वंचित रखा है. इस योजना में 5 लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त कराया जा सकता है.

पब्लिक पॉलिसी रिसर्च सेंटर के निदेशक डॉ. विनय सहस्रबुद्धे ने केजरीवाल सरकार के वादों पर एक रिपोर्ट जारी की. उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार शिक्षा में सबसे बड़े सुधार करने का दावा करती है. केजरीवाल सरकार ने सरकार बनाने से पहले 500 नए स्कूल बनाने का वादा किया गया था, लेकिन केवल 25 स्कूलों में ही काम शुरू हो पाया. केजरीवाल सरकार न बीस नए डिग्री कॉलेज शुरू करने का वादा किया था लेकिने एक का भी काम शुरू नहीं हुआ है. टीचरों की जरूरत के आधे से भी कम पदों पर नियुक्ति की गई है.

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First published: 2 May 2019, 12:10 IST
 
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