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दिल्ली: चीनी मांझे की चपेट में आकर तीसरी मौत, सरकार ने लगाया प्रतिबंध

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 August 2016, 11:41 IST
(कैच न्यूज)

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चीनी मांझे से दो बच्चों और एक युवक की दर्दनाक मौत के एक दिन बाद दिल्ली सरकार ने मंगलवार को कांच मिले मांझा या चीनी मांझे की बिक्री, उत्पादन एवं भंडारण पर रोक लगा दी है.

अधिसूचना के मुताबिक, दिल्ली में पतंग उड़ाने के लिए चीनी मांझे या धारदार धागों की बिक्री और उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा. पतंग के शौकीन लोग अब केवल उन सूती धागों और प्राकृतिक रेशों का ही इस्तेमाल कर सकेंगे जो धारदार न हो. यह अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है.

मौतों के बाद जागी दिल्ली सरकार

दिल्ली के रानीबाग इलाके में 15 अगस्त की शाम तीन साल की एक बच्ची की गर्दन पतंग का मांझा लगने से कट गई और उसकी दर्दनाक मौत हो गई.

कार में सवार बच्ची परिवार के साथ नारायणा से फिल्म देखकर लौट रही थी. उसने अपना सिर कार की खिड़की से बाहर निकाला, तो उसकी गर्दन एक मांझे में फंस गई.

इस हादसे में उसकी गर्दन कट गई. माता-पिता उसे भगवान महावीर अस्पताल लेकर गए, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई.

दिल्ली सरकार की अधिसूचना

दिल्ली सरकार ने 16 अगस्त को जारी अधिसूचना में कहा, "नायलॉन, प्लास्टिक और चीनी मांझे व ऐसे अन्य धागे जो धारदार व शीशे, धातु या अन्य धारदार सामग्री से पतंग उड़ाने के लिए बनाए जाते हैं, उन धागों की राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में बिक्री, उत्पादन, भंडारण, आपूर्ति और प्रयोग पर पूर्णत: प्रतिबंध होगा."

अधिसूचना में आगे कहा गया है, "केवल सूती धागे या प्राकृतिक रेशे जोकि किसी धातु या शीशे के घटकों से रहित हैं, उन्हीं से ही पतंग उड़ाने की इजाजत होगी."

सरकार के इन निर्देशों का उल्लंघन करने वालों को पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 की धारा 5 या धारा 15 के तहत पांच साल तक की कैद या एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकता है. 

पर्यावरण सचिव पर कार्रवाई की मांग

दूसरी ओर इस मामले पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है. उपराज्यपाल ने मांझे पर प्रतिबंध को लेकर 7 दिन पहले 9 अगस्त को ही मंजूरी दे दी थी, लेकिन दिल्ली सरकार ने अधिसूचना को मंगलवार को पास किया.

उधर, अधिसूचना के देर से जारी होने पर उपमुख्यमंत्री ने पर्यावरण सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दावा किया कि अधिसूचना को मंजूरी देने में पर्यावरण सचिव ने सात दिनों का समय लगा दिया.

सिसोदिया ने कहा कि वह उपराज्यपाल नजीब जंग को लिखकर पर्यावरण सचिव के खिलाफ कर्तव्य निर्वहन में घोर लापरवाही और चीनी मांझा मामले में असंवेदनशीलता दिखाने पर उन पर कार्रवाई के लिए कहेंगे.

उप मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, "पर्यावरण सचिव ने अधिसूचना जारी करने में सात दिन लगा दिए, जबकि मेरे एवं पर्यावरण मंत्री के कार्यालय ने नौ अगस्त को मिनटों में इस फाइल को मंजूरी दे दी थी."

First published: 17 August 2016, 11:41 IST
 
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