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आप विधायक बर्खास्त मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को दिया बड़ा झटका

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 January 2018, 13:04 IST

आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा है. दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग से हलफनामे के जरिए चार दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है. हाईकोर्ट ने इसके बाद चार दिनों के उन विधायकों को भी अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है जिन्होंने इस फैसले के खिलाफ अपील की है.

हाईकोर्ट ने कहा है कि कि फिलहाल अंतरिम आदेश लागू रहेगा जिसमें चुनाव आयोग को उपचुनाव के लिए कदम ना उठाने को कहा गया है और अगली सुनवाई सात फरवरी के लिए तय कर दी है. उपचुनाव पर फिलहाल अंतिरिम रोक जारी रहेगी इससे आम आदमी पार्टी के लिए राहत अभी बरकरार है.

गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने की सिफारिश की थी. ये वह विधायक थे जिनको संयुक्त सचिव का पद दिया गया था. एक याचिका में इनके खिलाफ लाभ के पद का आरोप लगाया गया था.

 

दरअसल, चुनाव आयोग की सिफारिश के बाद लाभ के पद मामले में राष्ट्रपति ने आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता को रद्द कर दिया था. जिसके बाद आम आदमी पार्टी के 8 विधायकों ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनाव आयोग की सिफारिश को चुनौती दी है, जिस पर फिलहाल हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है.

कानून के मुताबिक, दिल्ली में कोई भी विधायक रहते हुए लाभ का पद नहीं ले सकता है. आरोप है कि इसके बाद भी केजरीवाल ने अपनी पार्टी के 21 विधायकों को संसदीय सचिव बनाकर उन्हें लाभ का पद दिया. गवर्नमेंट ऑफ नेशनल कैपिटल टेरिटरी ऑफ देल्ही एक्ट, 1991 के तहत दिल्ली में सिर्फ एक संसदीय सचिव का पद हो सकता है. यह संसदीय सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ा होगा, लेकिन केजरीवाल ने सीधे 21 विधायकों को ये पद दे दिया था.

First published: 30 January 2018, 13:04 IST
 
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