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एस्सार लीक्स: हाई कोर्ट का आदेश, फोन टैपिंग के सबूत गृह मंत्रालय को सौंपें उप्पल

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:49 IST

एस्सार ग्रुप पर लगे फोन टैपिंग के आरोपों की सुनवाई कर रहे दिल्ली हाई कोर्ट ने शिकायत करने वाले सुरेन उप्पल से शुक्रवार को कहा है कि वह सारे सबूत केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंप दें.

अंबानी बंधुओं, कई बड़े नेताओं और वीवीआईपी की रिकॉर्डिंग के जुड़े यह सबूत एक सीलबंद पैकेट में मंत्रालय को सौंपे जाएंगे. इस बीच सुप्रीम कोर्ट सोमवार यानी 27 जून को एक और याचिका पर सुनवाई करेगा.

सोमवार को गृह मंत्रालय के सुपुर्द होंगे सबूत

इस याचिका में एसआईटी (विशेष जांच टीम) को मामले की जांच सौंपने की मांग की गई है. सुप्रीम कोर्ट के वकील सुरेन उप्पल ने अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में इस पूरे मामले का खुलासा किया था. 

मामले की सुनवाई जस्टिस मृदुल को करनी है. जस्टिस मृदुल मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाले का केस भी देख रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट के वकील सुरेन उप्पल ने इसी साल एक जून को पीएमओ ऑफिस में शिकायत की थी कि एस्सार ग्रुप ने 2001 से लेकर 2006 के बीच कई बड़े लोगों के फोन टैप करवाए.

2001 से 2006 के बीच टैपिंग का आरोप

जिन लोगों की फोन टैपिंग का आरोप है उसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के स्टाफ मेंबर, सुरेश प्रभु, मुकेश अंबानी, अनिल अंबानी, टीना अंबानी, अमर सिंह और प्रमोद महाजन जैसे लोग शामिल थे.

उप्पल ने दावा किया था कि उन्हें यह जानकारी एस्सार ग्रुप के ही एक पूर्व कर्मचारी अल बासित खान ने दी थी. हालांकि, बासित ने उप्पल के दावों को झूठा बताते हुए उल्टा उन्हीं पर आरोप लगा दिए थे.

उप्पल के पास 20 सीडी में सबूत

शुक्रवार को हुई सुनवाई में ही सारे दस्तावेज सुरक्षा के लिहाज से गृह मंत्रालय में रखने का फैसला हो गया था. कोर्ट में वकील सुरेन उप्पल ने कहा था कि वह सोमवार को सारे दस्तावेज मंत्रालय के अधिकारी को सौंप देंगे.

इस दौरान उप्पल ने कोर्ट को बताया था कि उनके पास लगभग 20 सीडी हैं, जिनमें केस से जुड़े सारे सबूत हैं. इसके साथ ही उन्होंने कुछ और दस्तावेज अपने पास होने की बात कही है.

First published: 25 June 2016, 10:37 IST
 
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