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दिल्ली हाईकोर्ट का अहम आदेश, ऑनलाइन क्लास के लिए गरीब बच्चों को स्कूल दें गैजेट और इंटरनेट

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 September 2020, 15:56 IST

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने शुक्रवार (Friday) को एक अहम आदेश में कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई (Online Study) के लिए स्कूल (School) गरीब बच्चों को गैजेट्स (Gdgets) और इंटरनेट कनेक्शन (Internet Connection) उपलब्ध कराएं. कोर्ट ने ये आदेश सरकारी वित्तपोषण रहित सभी निजी और सरकारी स्कूलों को दिया है. जानकारी के मुताबिक, दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को दिए अपने आदेश में कहा कि सरकारी वित्तपोषण रहित निजी स्कूलों और सरकारी स्कूलों जैसे केंद्रीय विद्यालयों को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और वंचित वर्ग के छात्रों को अच्छी इंटरनेट स्पीड के साथ-साथ गैजेट उपलब्ध कराएं जिससे उन्हें ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त करने में कोई परेशानी ना हो.

इसके अलावा कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे गैजेट और डिजिटल उपकरण के साथ-साथ इंटरनेट पैकेज की लागत भी ट्यूशन फीस का हिस्सा नहीं होगी. साथ ही ये उपरकण ईडब्ल्यूएस और वंचित वर्ग के छात्रों को निजी गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों और सरकारी स्कूलों द्वारा मुफ्त प्रदान किए जाने चाहिए. कोर्ट ने कहा कि ऐसी सुविधाओं की कमी के चलते छात्रों को मूलभूत शिक्षा प्राप्त करने में परेशानी होती है.


जस्टिस मनमोहन और जस्टिस संजीव नरुला की पीठ ने कहा कि गैर वित्तपोषित निजी स्कूल, शिक्षा के अधिकार कानून-2009 के तहत उपकरण और इंटरनेट पैकेज खरीदने पर आई जो भी उचित लागत हो उसकी प्रतिपूर्ति सरकार से प्राप्त करने के योग्य हैं. पीठ ने गरीब और वंचित विद्यार्थियों की पहचान करने और उपकरणों की आपूर्ति करने की सुचारु प्रक्रिया के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठित करने के लिए भी आदेश दिए हैं. समिति में केंद्र के शिक्षा सचिव या उनके प्रतिनिधि, दिल्ली सरकार के शिक्षा सचिव या प्रतिनिधि और निजी स्कूलों के प्रतिनिधि शामिल हो सकेंगे.

हाईकोर्ट ने यह फैसला एक गैर सरकारी संगठन (NGO) 'जस्टिस फॉर ऑल' की जनहित याचिका पर सुनाया है. एनजीओ ने वकील खगेश झा के जरिये दाखिल जनहित याचिका में केंद्र और दिल्ली सरकार को गरीब बच्चों को मोबाइल फोन, लैपटॉप या टैबलेट मुहैया कराने का निर्देश देने का अनुरोध किया था, जिससे वे भी कोविड-19 लॉकडॉउन की वजह से चल रही ऑनलाइन कक्षाओं द्वारा पढ़ाई कर सकें.

First published: 18 September 2020, 15:56 IST
 
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