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दिल्ली: 'जंग' की नई जमीन, केजरीवाल सरकार के डेढ़ साल के फैसलों की फाइल तलब

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 August 2016, 16:34 IST
(फाइल फोटो)

दिल्ली में आम आदमी पार्टी सरकार और उपराज्यपाल के बीच जंग की नई जमीन तैयार होती दिख रही है. खबर है कि उपराज्यपाल नजीब जंग ने केजरीवाल सरकार के पिछले डेढ़ साल के फैसलों की फाइल मंगाई है.

फरवरी 2015 में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद से एलजी और राज्य सरकार के बीच अधिकारों की लंबी जंग चली है. हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट ने नौ याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए कहा था कि एलजी ही दिल्ली के प्रशासक हैं. 

'ट्रांसफर-पोस्टिंग की फाइल न दिखाएं'

दिल्ली के एलजी नजीब जंग ने आम आदमी पार्टी सरकार की ओर से लिए गए डेढ़ साल के फैसलों की फाइल तलब की है. इस बीच खबर है कि मंत्रियों को दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने इस मामले में निर्देश दिए गए हैं.

पढ़ें: हाईकोर्ट में अधिकारों की जंग: नजीब जीते, केजरीवाल हारे

मंत्रियों से कहा गया है कि ट्रांसफर और पोस्टिंग से जुड़ी हुई फाइलें उपराज्यपाल को के पास दिखाने के लिए न भेजी जाएं. इस बीच दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र 22 अगस्त से बुलाया गया है.

केजरीवाल को हाई कोर्ट से झटका

चार अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले से केजरीवाल सरकार को बड़ा झटका लगा था. हाईकोर्ट ने कहा, "दिल्ली पर अनुच्छेद 239 लागू होता है. इसके मुताबिक दिल्ली अब भी केंद्रशासित प्रदेश है."

हाईकोर्ट के मुताबिक, एलजी ही दिल्ली के प्रशासक हैं और दिल्ली सरकार उनकी मर्जी के बिना कानून नहीं बना सकती. अनुच्छेद 239 दिल्ली को केंद्र शासित प्रदेश का स्पेशल स्टेटस देता है. 

हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा, "एलजी दिल्ली सरकार की सलाह मानने को बाध्य नहीं हैं. केंद्र के नोटिफिकेशन सही हैं. दिल्ली सरकार के कमेटी बनाने संबंधी फैसले अवैध हैं." 

साथ ही अदालत ने कहा कि एंटी करप्शन ब्यूरो यानी एसीबी, केंद्रीय कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं कर सकता. दिल्ली सरकार के दोनों मामलों में कमेटी बनाने के फैसले अवैध हैं.

कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी साफ किया कि दिल्ली केंद्र शासित प्रदेश बना रहेगा. कोर्ट ने कहा, "एलजी अपना स्वतंत्र रुख ले सकते हैं. दिल्ली सरकार को कोई भी नोटिफिकेशन जारी करने से पहले एलजी की मंजूरी लेनी होगी."

हाईकोर्ट ने कहा कि उपराज्यपाल अपने फैसले ले सकते हैं. दरअसल दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद केंद्र और राज्य सरकार के बीच लंबे अरसे से कई मुद्दों पर अधिकारों को लेकर टकराव होता रहा है. इस बीच केजरीवाल सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने की तैयारी में है.

First published: 8 August 2016, 16:34 IST
 
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