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ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे: मोदीराज में बना देश का पहला स्मार्ट हाईवे, PM आज करेंगे उद्धाटन

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 May 2018, 8:38 IST

प्रधानमंत्री मोदी आज (27 मई) को यूपी के बागपत में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई) और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का उद्धाटन करेंगे. वह दिल्ली से मेरठ हाईवे पर खुली जीप में 6 किलोमीटर लंबा रोड शो भी करेंगे. केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी का रोड शो दिल्ली के निजामुद्दीन ब्रिज से शुरू होगा.

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर खुली जीप में 6 किलोमीटर चलने के बाद मोदी एक प्रदर्शनी और एक्सप्रेसवे के 3डी मॉडल का उद्घाटन करेंगे. पीएम मोदी सोनीपत के कुंडली से पलवल के बीच बने देश के पहले स्मार्ट और ग्रीन एक्सप्रेसवे का भी उद्घाटन करेंगे. 135 किली लंबे इस एक्सप्रेसवे को तैयार करने में 11 हजार करोड़ का खर्च आया है. इसके अलावा 96 किमी लंबे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को बनाने में 841 करोड़ लागत आई है.

 

ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे क्यों है खास

ईपीई यूपी और हरियाणा के 6 शहरों सोनीपत के कुंडली, बागपत, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद और पलवल को जोड़ता है. यह 135 किलोमीटर लंबा है. खास बात यह है कि यह सोलर पावर से लैस देश का पहला एक्सप्रेसवे है. इसमें 8 सोलर प्लांट बनाए गए हैं, जिनमें 4 हजार किलो वॉट बिजली पैदा होगी. एक्सप्रेसवे की 100% लाइट इसी से जलेंगी. हर 500 मीटर पर दोनों तरफ रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बने हैं.

इसके अलावा यह वर्ल्ड क्लास सुरक्षा इंतजामों से लैस है.इस एक्सप्रेसवे पर स्मार्ट एंड इंटेलिजेंट हाईवे मैनेजमेंट सिस्टम (एचटीएमएस) और वीडियो इंसीडेंट डिटेक्शन सिस्टम (वीआईडीएस) लगाए गए हैं. इसके किनारों में 2.5 लाख पौधे लगाए गए हैं जिनके लिए ड्रिप से सिंचाई के इंतजाम भी किए गए हैं.

साथ ही एक्सप्रेस वे पर 36 स्मारकों की प्रतिकृति लगाई गई हैं. कोशिश की गई है कि सड़क पर चलते वक्त सभी राज्यों की झलक दिखे. इसमें कुतुबमीनार, हवामहल, इंडिया गेट, लालकिला, चार मीनार, जलियांवाला बाग, अशोकचक्र, कीर्ति स्तंभ शामिल हैं. साथ ही हाईवे के किनारे 40 फाउंटेन देखने को मिलेंगे.

 

ये होगा फायदा
ईपीई के शुरू होने के बाद अगर हिमाचल प्रदेश के लोग उत्तर प्रदेश आना चाहते हैं या कोई राजस्थान से वहां जाना चाहता है तो इसके लिए सीधा रास्ता हो गया है. अब उन्हें दिल्ली के अंदर घुसने की जरूरत नहीं है. दिल्ली में रोजना 50 हजार वाहनों का दवाब कम होगा. जिससे प्रदूषण का स्तर 27% तक गिरने की उम्मीद है.

बता दें कि 10 मई को सुप्रीम कोर्ट ने ईपीई के उद्घाटन में देरी पर फटकार लगाते हुए कहा कि 31 मई तक प्रधानमंत्री उद्घाटन करें या न करें, 1 जून से हर हाल में हाईवे को जनता के लिए खोल दिया जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली-एनसीआर पहले से ही ट्रैफिक का भारी दबाव झेल रहा है.

पढ़ें- मोदी सरकार के 4 साल : सड़क निर्माण में गडकरी ने किया मोदी का बेड़ापार

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली के आसपास ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की प्लानिंग 2006 में ही शुरू हुई थी. दिल्ली को ट्रैफिक समस्या से निजात दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को दिल्ली के बाहर रिंग रोड बनाने का आदेश दिया था.

First published: 27 May 2018, 8:38 IST
 
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