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दिल्ली मेट्रों में 94 फीसदी जेबतराश होती हैं महिलाएं, कहीं आप भी तो नहीं हुए हैं इनके शिकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 March 2019, 10:13 IST

दिल्ली मेट्रो में दिल्ली और एनसीआर के ज्यादातर लोग सफर करते हैं. हर रोज लाखों लोग मेट्रों की सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं. मेट्रो स्टेशन पर जहां भीड़-भाड़ ज्यादा हो वहां सफर के दौरान जेबकतरों से सावधान रहें. इन इलाकों में ज्यादातर जेब कटने के चांसेस होते हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली मेट्रो में यात्रियों को सबसे अधिक निशाना महिला जेबतराश ही बना रही हैं.

पिछले साल 2018 में मेट्रो स्टेशन परिसर में CRPF द्वारा दबोचे गए कुल 498 जेबकतरों में से 470 महिलाएं थीं. अब तक पकड़ी गईं जेबतराशों की संख्या तकरीबन 94 प्रतिशत है. वहीं, 2019 में दिल्ली मेट्रो में कुल 15 जेबकतरे पकड़े गए, सभी महिलाएं हैं. महिला जेबतराशों पर अक्सर लोग शक नहीं करते हैं, इसलिए ये आसानी से वारदात कर देती हैं.

वहीं, रिपोर्ट में बताया गया है कि मेट्रो में सक्रिय महिलाओं की उम्र करीब 18 से 40 साल के बीच है. ये जेबतराश एक स्टेशन पर चढ़ती हैं और पलभर में अपने मनसूबों को अंजाम देती हैं. खबरों के मुताबिक, ये अपना शिकार तलाशने के लिए और पकड़े जाने की डर से जल्दी-जल्दी स्टेशन बदलती रहती हैं. जेबतराश महिलाओं का कुछ पुलिस रिकॉर्ड भी है. 

ये जेबतराश महिलाएं अक्सर टोली में चलना पसंद करती हैं. ये मेट्रो के गेट पर ज्यादा सक्रिय होती हैं. ऐसी महिलाएं एक डिब्बे से टोली में दूसरे डिब्बे में जाते हुए और गेट पर खड़े लोगों से स्टेशन के बारे में पूछने के बहाने कर वारदात को अंजाम देती हैं. 

इन स्टेशनों पर सबसे ज्यादा आती हैं नजर

जेबतराश ज्यादातर राजीव चौक, कश्मीरी गेट, चांदनी चौक, नई दिल्ली, हुड्डा सिटी सेंटर, तुगलकाबाद, समयपुर बादली, यमुना बैंक, शाहदरा, कीर्ति नगर और वैशाली आदि स्टेशनों पर नजर आती हैं. 

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First published: 11 March 2019, 10:13 IST
 
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