Home » इंडिया » Delhi-one crore people bank credit card facebook sensitive data sold.
 

1 करोड़ लोगों का डाटा चुराकर बेचने वाला गिरफ्तार

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 April 2017, 13:11 IST

दिल्ली पुलिस ने एक बहुत बड़े रैकेट का खुलासा किया जो लोगों की महत्वपूर्ण जानकारियां लोगों को लीक कर बेचते थे.कहा जा रहा है कि देश के एक करोड़ लोगों की जानकारी इस गैंग ने बेची है. ये लोग बल्क में लोगों की जानकारियां बेचा करते थे जिसकी कीमत सुनकर कोई भी हैरान हो सकता है.

आपके बैंक अकाउंट से लेकर,डेबिट,क्रेडिट कार्ड समेत फेसबुक और व्हाट्सऐप से ये लोग डाटा चुराते थे. जिन लोगों को ये जानकारी बेची जाती थी वो इसके बदले में 10-20 पैसे के हिसाब से थी. यानी आपके इतने महत्वपूर्ण डाटा को ये कौड़ी के दाम में बेचते थे.

दिल्ली के डीसीपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके ये जानकारी दी. डीसीपी आर. बानिया ने बताया, "यह गैंग बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर लोगों का निजी डेटा हासिल किया करते थे." पुलिस ने इस रैकेट के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है और करीब एक करोड़ लोगों के बैंक खातों सहित कई निजी जानकारियों का डाटा रिकवर किया है.

कैसे हुआ रैकेट का खुलासा ?

दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में रहने वाली एक बुजुर्ग महिला के केस की जांच करते हुए  पुलिस के सामने  ये मामला सामने आया।जिसके बाद पुलिस ने जांच में पाया कि ये लोग बैंक ऑफिसर की मिलीभगत से ये रैकेट चल रहा था। इस मॉड्यूल में बैंक में काम करने वालों और कॉल सेंटर्स से ये निजी और गोपनीय जानकारी निकलवाई जाती थी और फिर उसे सस्ते दामों में बेच दिया जाता था। इस गैंग ने  ने बुजुर्ग महिला के क्रेडिट कार्ड से 1.46 लाख रुपए उड़ा लिए थे।

पुलिस ने मास्टरमाइंड को किया गिरप्तार-

दिल्ली पुलिस ने इस रैकेट के मास्टरमाइंड पूरन गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है।पुलिस से पूछताछ के दौरान  उसने बताया कि वो  50 हजार लोगों का डाटा बेचने के बदले 10 से 20 हजार रुपए लेता था।उसने बताया कि वो लोगों का  कार्ड नंबर, उनका नाम, डेट ऑफ बर्थ और मोबाइल नंबर इन लोगों को बेचता था।

मास्टरमाइंड पूरन गुप्ता ने बताया कि वो बैंक कर्मचारियों की मदद से लोगों को फोन करते थे.वो उनसे उनके कार्ड का सीवीवी नंबर और ओटीपी शेयर करने को कहते थे। 

First published: 14 April 2017, 13:11 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी