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मर्सिडीज केस: बहन का दर्द, सिद्दी वापस आजा भाई...

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 June 2016, 15:01 IST
(फेसबुक)

दिल्ली में चार अप्रैल 2016 को एक मर्सिडीज कार से कुचलकर सिद्धार्थ शर्मा की मौत हो गई थी. मर्सिडीज को 12वीं का एक छात्र चला रहा था. पांच जून को उसके बर्थडे पर बहन शिल्पा का दर्द उभर आया.

अगर मर्सिडीज से कुचलकर सिद्धार्थ की मौत न होती, तो वो पांच जून को 33 साल का हो जाता. इस खत को अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स ने छापा है. जिसको सोशल मीडिया पर भी शेयर किया जा रहा है. बेहद भावुक भाषा में लिखे गए इस खत को पढ़कर आपकी आंखें भी नम हो जाएंगी.

33वां जन्मदिन होता...

डियर सिद्दी,

हैप्पी बर्थडे मेरे प्यारे भाई. आज तुम्हारा 33वां जन्मदिन होता. दो महीने हो चुके है तुम्हें गए. पूरा घर सूना पड़ा है. मुझे तुम्हारी वो बेसुरी सिंगिंग सुनाई नहीं देती, जो तुम बाथरूम में गाया करते थे. मैं तो तुम्हे अब डांट भी नहीं सकती. सिद्दी अपने कपड़े और क्रिकेट शू जगह पर रखा करो. ये मत करो वो मत करो. भाई तुम्हारे बिना जिंदगी और घर दोनों सूना पड़ा है.

पांच जून को सिद्धार्थ का जन्मदिन था (फेसबुक)

तुम्हारा स्टफ वैसे का वैसे ही पड़ा है. मुझे माफ करना कि मैंने तुम्हारी छोटी-छोटी ख्वाहिशों पर ध्यान नहीं दिया. कॉलेज से तुम्हारे ग्रेड्स आ गए हैं. सारे सब्जेक्ट में तुम्हें ‘ए’ और ‘ए प्लस’ मिले हैं. मुझे वो सरप्राइज भी मिला, जो तुम मुझे देना चाहते थे. तुम्हें पता, मुझे तुम्हारा अप्वांइटमेंट लेटर मिला. उस आईटी फर्म का, जहां हमेशा से तुम काम करना चाहते थे.

आंख खोलने के बाद सब खत्म

और तुम्हारे रॉयल एनफील्ड वाले दोस्तों के ई-मेल तो रुकने के नाम नहीं ले रहे. आते ही जा रहे हैं. वो अक्सर पूछते हैं कि तुम उनके साथ लद्दाख ट्रिप पर कब जाओगे. मैं आंखें बंद कर तुम्हें वहां के आकाश में उड़ता हुआ देख रही हूं. तुम्हारी पागलों वाली हंसी मेरे कानों में गूंज रही हैं. पर आंख खोलने के बाद सब खत्म. दिखता है तो बस कोर्ट और पुलिस स्टेशन. ये जानते हुए कि कोर्ट का दिन थकाऊ होगा मैं वहां जाती हूं.

तुमने मां से कहा था कि तुम्हें रोते हुए लोग पसंद नहीं हैं. मैं बहुत ब्रेव हूं. किसी से भी पूछ लो मैं नहीं रोती, बिल्कुल भी नहीं. पर पता ये बहुत मुश्किल है. मुझे याद है पिछला समर वैकेशन. और तुम्हारा वो उदास चेहरा भी. तुम्हारे फ्रेंड्स ने तुम्हें घर आकर बर्थडे विश नहीं किया था. पर देखो इस बार सारे आए हैं. बस तुम नहीं हो सिद्दी. वापस आजा भाई, प्लीज.

बहन शिल्पा के साथ सिद्धार्थ (फेसबुक)

तुम्हारी जगह यहां है...

बड़ी बहन होने के नाते मैं तुम्हें दोस्त बनाने से मना करती थी. भाई मैं गलत थी. तुम्हारे दोस्त बहुत अच्छे हैं. तुम्हें हमेशा से कानून पर भरोसा था. पर ये सच नहीं है. सारे लोग इसी फिराक में हैं कि केस की सुनवाई जल्दी न हो.

इंसाफ मिलना मुश्किल होता जा रहा है. फिर भी हमने कोई हंगामा नहीं किया और शांतिपूर्ण तरीका अपनाया है. हमने कैंडल मार्च निकाला. इसमें हमारा बेंसन (सिद्धार्थ का पालतू कुत्ता) भी था. तुम्हारे जाने के बाद मां का बुरा हाल है. वो डिप्रेशन में चली गई हैं. पापा को मैंने अकेले रोते देखा है. हम लोग तुम्हे बहुत प्यार करते हैं. तुम्हारी जगह यहां है हमारे बीच, कहीं और नहीं.

सिद्धार्थ का पालतू कुत्ता बेंसन (फेसबुक)

बालिग की तरह चलेगा मुकदमा

सिद्धार्थ शर्मा दिल्ली के सिविल लाइंस इलाके में रहता था. वो मैनेजमेंट का स्टूडेंट था. साथ ही एक कंपनी में काम भी करता था. आरोप है कि जिस मर्सिडीज से सिद्धार्थ को कुचला गया उसे 17 साल का 12वीं का स्टूडेंट चला रहा था.

बताया जा रहा है कि घटना के वक्त मर्सिडीज 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से थी. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद जुवेनाइल बोर्ड के सामने पेश किया. जिसके बाद बोर्ड ने उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया था. पुलिस के मुताबिक एक्सिडेंट के चार दिन बाद आरोपी 18 साल का हो गया था.

सिद्धार्थ के घरवालों ने मांग की थी कि आरोपी छात्र पर आम अपराधियों की तरह मुकदमा चलाया जाए न कि एक जुवेनाइल की तरह. वह पहला आरोपी है, जिस पर केस के वक्त जुवेनाइल होने के बावजूद एडल्ट की तरह ट्रायल होगा.

12वीं के छात्र पर सिद्धार्थ को मर्सिडीज कार से कुचलने का आरोप (फेसबुक)
First published: 7 June 2016, 15:01 IST
 
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