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दिल्ली सचिवालय छापेमारी पर कोर्ट ने सीबीआई को फटकारा

आशीष कुमार पाण्डेय | Updated on: 21 January 2016, 16:25 IST

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने बुधवार को सीबीआई को निर्देश दिया है कि वो छापेमारी के समय सील किए गए दस्तावेजों को दिल्ली सरकार को वापस करे.

स्पेशल जज अजय कुमार जैन ने इस मामले में सीबीआई को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि जांच एजेंसी को कानून के उल्लंघन का अधिकार बिल्कुल नहीं है. जिस तरह से सीबीआई ने सचिवालय पर छापेमारी करके कागजों को सील किया है वो सीबीआई के ही नियम 14.19 का उल्लंघन करते हैं.

इस  मामले में सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि छापेमारी दिल्ली सरकार पर नहीं थी, बल्कि एक अधिकारी पर थी. जिन पर अपने अधिकारों के गलत इस्तेमाल का आरोप है. सीबीआई ने राजेंद्र कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में कई धाराओं में केस भी दर्ज है.

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कोर्ट ने कहा कि सीबीआई को पहले प्रारंभिक जांच करनी चाहिए थी. उसके बाद ही छापेमारी की कार्रवाई की जानी चाहिए थी. लेकिन तथ्यों को देखने से लगता है कि सीबीआई ने बिना जांच के ही एक सरकारी कर्मचारी के कार्यालय पर छापा मारा.

कोर्ट ने सख्त लहजे में टिप्पणी करते हुए कहा कि सिर्फ मौखिक जानकारी के आधार पर सीबीआई ने जो छापेमारी की है. वह कहीं से भी न्यायसंगत नहीं है.

कोर्ट के इस फैसले के बाद दिल्ली सरकार ने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोल दिया है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया कि, 'सीबीआई के खिलाफ कोर्ट के आदेश के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय को देश के सामने स्पष्टीकरण देना चाहिए, क्योंकि सीबीआई सीधे प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करती है.'

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केजरीवाल के बाद दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले पर माफ़ी मांगें. उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी सरकार सीबीआई के जरिए बदले की राजनीतिक कार्रवाई करा रही है. केंद्र सरकार ने दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय को बदनाम करने के लिए इस साजिश को अंजाम दिया है.

सीबीआई ने पिछले साल 15 दिसंबर को दिल्ली सरकार के सचिवालय में मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार के कथित भ्रष्टाचार के मामले में उनके दफ्तर पर छापा मारा था. इस छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी ने कई कागजों को सील करके अपने साथ ले गई थी.

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इस छापेमारी के बाद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था कि ये छापा उनके दफ़्तर पर मारा गया है, लेकिन सीबीआई ने केजरीवाल के इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि छापा मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार के ही दफ़्तर पर मारा गया था. मुख्यमंत्री केजरीवाल के दफ्तर पर नहीं.

केजरीवाल ने सीबीआई छापे के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज़िम्मेदार ठहराया था और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए उन्हें कायर और मनोरोगी तक बता डाला था.

केजरीवाल ने वित्त मंत्री अरुण जेटली पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि वो सीबीआई के छापे के माध्यम से डीडीसीए घोटाले में हुए जांच के गोपनीय दस्तावेजों को हासिल करना चाहते थे.

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इसके बाद  वित्त मंत्री जेटली ने केजरीवाल सहीत आम आदमी पार्टी के कई नेताओं के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया था, जिसका मामला कोर्ट में चल रहा है.

First published: 21 January 2016, 16:25 IST
 
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