Home » इंडिया » Demand for jobs under MGNREGA grew almost 10% in the last year of NDA government: Report
 

मोदी सरकार के अंतिम साल में बढ़ी बेरोजगारी, मनरेगा में काम मांगने वालों की संख्या बढ़ी- मीडिया रिपोर्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 March 2019, 13:38 IST

 

एनडीए सरकार के अंतिम वित्तीय वर्ष 2018 -19 में पिछले वर्ष की तुलना में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत नौकरियों की मांग में 10% की बढ़ोतरी हुई है. ग्रामीण विकास मंत्रालय के आंकड़ों का हवाला देते हुए इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस वित्तीय वर्ष में 25 मार्च तक योजना के तहत सृजित 255 करोड़ व्यक्ति दिवस थे. योजना के तहत पंजीकृत कार्य के व्यक्ति-दिवस की यह सबसे अधिक संख्या थी.

2010-'11 योजना के तहत, एक व्यक्ति-दिन की इकाई को आठ घंटे काम करने के लिए लिया जाता है. कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस योजना के तहत नौकरियों की मांग बेरोजगारी के संकट को दर्शाती है, जबकि सरकारी अधिकारियों ने इसे जलवायु परिवर्तन जैसे सूखा या बाढ़ से संबंधित घटनाओं की आवृत्ति में वृद्धि के लिए जिम्मेदार ठहराया. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम या मनरेगा सामाजिक सुरक्षा उपाय है जो सूखे, बाढ़ या अन्य आपदाओं की स्थिति में हर घर से एक व्यक्ति को 100 दिन का रोजगार देता है.

 

2015 में, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना को कांग्रेस की विफलताओं के लिए एक जीवित स्मारक कहा था. हालांकि, उन्होंने घोषणा की कि यह योजना जारी रहेगी. रिपोर्ट के अनुसार मजदूर किसान शक्ति संगठन की सह-स्थापना करने वाले निखिल डे ने कहा कि बेरोजगारी के कारण मनरेगा के तहत नौकरियों की मांग बढ़ी, लेकिन वित्त मंत्रालय द्वारा इस योजना के लिए अपर्याप्त धनराशि आवंटित किए जाने के कारण काम प्रभावित हुआ.

अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय के मनरेगा के शोधकर्ता राजेंद्र नारायणन ने कहा कि पिछले एक साल में कृषि संकट तीव्र था और रोजगार का कोई वैकल्पिक स्रोत नहीं है. ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सूखे के कारण झारखंड और कर्नाटक के अधिकांश जिलों में योजना के तहत 150 दिनों के काम का प्रावधान करने की घोषणा की थी. मंत्रालय के अनुमानों के अनुसार, देश में एक चौथाई जिलों को हाल के वर्षों में सूखाग्रस्त घोषित किया गया, जिससे मनरेगा के तहत नौकरियों की मांग में वृद्धि हुई.

1,000 से ज्यादा डॉक्टरों ने PM मोदी को लिखा पत्तर, कहा- ई- सिगरेट पर तुरंत लगाएं बैन

First published: 26 March 2019, 11:09 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी