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नोटबंदी: लेन-देन में गड़बड़ी के आरोप में 27 बैंक अफ़सर नपे

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 5:45 IST
(सांकेतिक तस्वीर)

नोटबंदी के बाद कई बैंकों में गड़बड़ी के मामले भी सामने आ रहे हैं. इस बीच कैश काउंटर पर लेन-देन और नोट बदलने के दौरान गड़बड़ी के आरोप में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के 27 वरिष्ठ अफसरों को निलंबित कर दिया गया है.

नोटबंदी के बाद बैंकों की अनियमितता के मामलों में यह सबसे बड़ी कार्रवाई है. इसके साथ ही छह बैंक अफसरों का तबादला भी किया गया है. 

बताया जा रहा है कि बेंगलुरु और कुछ अन्य जगहों पर आयकर छापे के दौरान भारी मात्रा में नई मुद्रा की जब्ती के बाद इन बैंक अफसरों पर गाज गिरी है. बेंगलुरु में दो कारोबारियों के पास से नई मुद्रा में 5.7 करोड़ रुपये नकद जब्त हुए थे.

RBI के निर्देशों का उल्लंघन

वित्त मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा, "कुछ अधिकारियों के रिजर्व बैंक के निर्देशों का उल्लंघन करके अनियमित तरीके से लेन-देन की बात सामने आई है."

वित्त मंत्रालय के बयान के मुताबिक, "ऐसे कुछ मामलों में कार्रवाई की गई है और सार्वजनिक क्षेत्र (पीएसयू) के विभिन्न बैंकों के 27 अफसरों को निलंबित किया गया है. साथ ही छह अधिकारियों को गैर-संवेदनशील पदों पर भेज दिया गया है."

वित्त मंत्रालय ने साथ ही बैंकों को आगाह किया है कि सही लेन-देन को आसान बनाने की कोशिश हो रही है और अवैध काम को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. 

पटना के बैंक में भी हुई थी गड़बड़ी

पटना में पिछले महीने सेंट्रल बैंक के एक कैशियर को सस्पेंड कर दिया गया था. पटना के इस बैंक में काले धन को सफेद करने का खेल बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से धड़ल्ले से खेला जा रहा था. जब बैंक के कैशियर की पोल खुली तो आनन-फानन में उसे सस्पेंड कर दिया गया.

पटना के सिद्धि साईं इंटर प्राइजेज के कर्मचारी ने सेंट्रल बैंक में 16 नवंबर को ढाई लाख, 17 नवंबर को सत्तर हजार, और 18 नवंबर को पचास हजार रुपये के सौ के नोट के तौर पर जमा किए.

इसके बाद काउंटर पर बैठे रमाकांत सिंह नाम के कैशियर ने डिपॉजिट स्लिप में उसे 500 और 1000 के पुराने नोटों में बदल कर दिखा दिया. जब मामले में शिकायत की गई तो छानबीन शुरू हुई और बैंक के कैशियर रमाकांत सिंह को दोषी पाते हुए सस्पेंड कर दिया गया.

First published: 3 December 2016, 10:53 IST
 
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