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जन-धन बैंक खातों से अब हर महीने 10 हजार रुपये ही निकलेंगे

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 February 2017, 8:18 IST
(पीटीआई)

8 नवंबर को नोटबंदी के फैसले के बाद से मोदी सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं. प्रति हफ्ते बैंक खाते से 24 हजार रुपये निकालने की सीमा रखी गई है. इसके अलावा अभी एटीएम से रोज़ाना 2500 रुपये निकाले जा सकते हैं. हालांकि जमा करने पर कोई सीमा नहीं है.

इस बीच जन-धन खातों को लेकर भी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने नई गाइडलाइन जारी की है. आरबीआई ने जन-धन खातों से पैसे निकालने को सीमित कर दिया है. अब जन-धन बैंक अकाउंट से हर महीने केवल 10 हजार रुपये ही निकाले जा सकते हैं. माना जा रहा है कि बेनामी पैसे पर शिकंजा कसने के लिए आरबीआई ने यह कदम उठाया है.

दरअसल आशंका है कि बहुत से लोगों ने जन-धन खातों का अपना काला धन बचाने के लिए इस्तेमाल किया है. सरकार को अंदेशा है कि इन खातों में अपना काला पैसा जमा करके काफी लोगों ने सफेद बनाने की कोशिश की है.

पीएम मोदी ने हाल ही में मन की बात कार्यक्रम में भी कहा था, "अपने बैंक खाते में आप किसी दूसरे का पैसा जमा न कराएं, क्योंकि मैं नहीं चाहता कि मेरा प्यारा गरीब परेशान हो."

जनधन खातों में जमा सीमा 50 हजार

नोटबंदी के एलान के बाद देश के कई हिस्सों से जन-धन खातों में बड़ी मात्रा में कैश जमा होने की जानकारी सामने आई थी. इसके बाद वित्त मंत्रालय ने 15 नवंबर को जन-धन खातों में नकदी जमा करने की सीमा घटाकर 50,000 रुपये कर दी थी.

आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने कहा था कि कुछ लोग जन-धन खातों में अपना काला धन जमा कर रहे थे, लिहाजा इन खातों में सिर्फ 50,000 रुपये ही जमा किए जा सकेंगे. पीएम मोदी की अध्यक्षता में वित्त मंत्रालय और आरबीआई अफसरों के सााथ नोटबंदी पर दूसरी समीक्षा बैठक के दौरान यह फैसला हुआ था.

14 दिन में 27,200 करोड़ जमा

पांच सौ और एक हजार रुपये के पुराने नोटों को बंद करने की घोषणा के बाद 14 दिनों में जन धन खातों में जमा रकम में 27,200 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है. 

23 नवंबर 2016 तक देश में तकरीबन 25 करोड 68 लाख जन धन अकाउंट खुल चुके हैं. इनमें जमा राशि 70,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुकी है. 23 नवंबर को यह आंकडा 72,834.72 करोड रुपये पहुंच गया.

नौ नवंबर तक इन खातों में 45,636.61 करोड़ रुपये जमा थे. पीएम मोदी के एलान के बाद जन धन खातों में 27 हजार करोड रुपये से ज्यादा जमा हुए. हालांकि 25.68 करोड़ जन-धन अकाउंट में 22.94 फीसदी खाते ऐसे हैं, जिनमें एक भी रुपया नहीं है. 

यूपी में 10,670 करोड़ रुपये जमा

खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा जन-धन खातों में नोटबंदी के बाद पैसे जमा हुए हैं. वित्त राज्यमंत्री संतोष कुमार गंगवार ने लोकसभा को लिखित जवाब में बताया, "प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत देशभर में 16 नबंवर तक कुल 25.68 करोड़ खातों में 64,252.15 करोड़ रुपए जमा हुए हैं."

यूपी में सबसे ज्यादा 3.79 करोड़ जन-धन खाते हैं. यहां 10,670.62 करोड़ रुपए जमा हुए, जबकि पश्चिम बंगाल के 2.44 करोड़ खातों में 7,826.44 करोड़ रुपए जमा किए गए. इसके बाद राजस्थान तीसरे नंबर पर है. वहीं बिहार में करीब 2 करोड़ 62 लाख जन-धन खातों में 4 हजार 912 करोड़ रुपये जमा हुए.

First published: 30 November 2016, 10:33 IST
 
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