Home » इंडिया » Dera Sacha Sauda: special cbi court in Panchkula announces verdict on Baba Ram Rahim, found guilty
 

डेरा प्रमुख को CBI स्पेशल कोर्ट ने ठहराया दोषी, 28 अगस्त को होगा सज़ा का एलान

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 August 2017, 15:50 IST

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ दायर रेप केस में शुक्रवार को विशेष सीबीआई कोर्ट का फैसला आ गया है. बाबा राम रहीम को कोर्ट ने दोषी करार दिया है. बाबा राम रहीम को सजा क्या होगी, इस पर फैसला 28 अगस्त को होगा.  

फैसला आने के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच बाबा राम रहीम को जेल ले जाने की तैयारी कर ली गई. वहीं, बाबा के समर्थकों ने फैसला सुनते ही उपद्रव मचाना शुरू कर दिया. कई स्थानों पर गाड़ियां फूंक दी और हिंसक प्रदर्शन किया.

इससे पहले पंचकूला में विशेष सीबीआई अदालत में फैसला आने से पहले बाबा राम रहीम पिछले दरवाजे से चुपचाप कोर्ट रूम में घुसे. वहां पर कटघरे में बाबा फैसला सुनाते वक्त हाथ जोड़े खड़े हुए दिखे. वहीं, फैसला सुनाए जाने से पहले कोर्ट रूम में मौजूद सभी व्यक्तियों के फोन बंद करवा दिए गए थे.

आपको बता दें कि फैसला आने से पहले आमतौर पर शांत रहने वाले पंचकूला में तनाव है, लाखों डेरा समर्थक यहां पहुंच गये थे. सुनवाई के चलते हालात बिगड़ने के मद्देनजर सिरसा में कर्फ्यू लगा दिया गया है. पूरे हरियाणा में तनाव का माहौल है. हरियाणा में कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने कुल 201 ट्रेन रद्द कर दी है. इनमें 109 पैसेंजर और 92 मेल -एक्सप्रेस ट्रेन हैं. इन रेलगाड़ियों को 25 से 27 अगस्त के बीच रद्द किया गया है.

क्या है पूरा मामला?

बताते चलें कि डेरा सच्चा सौदा की स्थापना 1948 में शाह मस्ताना महाराज ने की थी. शाह सतनाम महाराज इसके प्रमुख बने और उन्होंने 1990 में संत गुरमीत सिंह को गद्दी सौंप दी. संत गुरमीत श्रीगंगानगर (राजस्थान) के गांव गुरुसरमोडिया के रहने वाले हैं.

अप्रैल 2002- राम रहीम की अनुयायी एक साध्वी ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट और तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को एक शिकायत भेजी थी. साध्वी ने शिकायत में राम रहीम पर यौन शोषण का आरोप लगाया था.

मई 2002- शिकायती पत्र को तस्दीक करने की जांच का जिम्मा सिरसा के सेशन जज को सौंपा गया.

दिसंबर 2002- शिकायत सही पाए जाने के बाद राम रहीम के खिलाफ धारा 376, 506 और 509 के तहत केस दर्ज किया गया था.

दिसंबर 2003- इस केस की जांच सीबीआई को सौंपी गई. जांच अधिकारी सतीश डागर ने केस की जांच शुरू की और साल 2005-2006 में उस साध्वी को ढूंढ निकाला, जिसका यौन शोषण हुआ था.

जुलाई 2007- सीबीआई ने केस की जांच पूरी कर अंबाला सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की. अंबाला से केस की सुनवाई पंचकूला शिफ्ट कर दी गई. चार्जशीट के मुताबिक, डेरे में 1999 और 2001 में कुछ और साध्वियों का भी यौन शोषण हुआ, लेकिन वे मिल नहीं सकीं.

अगस्त 2008- केस का ट्रायल शुरू हुआ और डेरा प्रमुख राम रहीम के खिलाफ आरोप तय किए गए.
साल 2011 से 2016- केस का ट्रायल चला. डेरा प्रमुख राम रहीम की ओर से वकील लगातार जिरह करते नजर आए.

जुलाई 2016- केस की सुनवाई के दौरान 52 गवाह पेश किए गए, इनमें 15 प्रॉसिक्यूशन और 37 डिफेंस के थे.

जून 2017- कोर्ट ने डेरा प्रमुख के विदेश जाने पर रोक लगा दी.

25 जुलाई 2017- सीबीआई कोर्ट ने इस मामले में हर रोज सुनवाई करने के निर्देश दिए ताकि जल्द फैसला सुनाया जा सके.

17 अगस्त 2017- दोनों पक्षों की ओर से चल रही जिरह खत्म हुई और फैसले के लिए 25 अगस्त की तारीख तय की गई.

First published: 25 August 2017, 15:00 IST
 
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