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दिल्ली के घरों पर विमान से गिरा मानव मल, DGCA ने स्वीकारने से किया इनकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 May 2018, 11:22 IST

दिल्ली के घरों पर विमान से मानव मल गिरने के मामले में नागरिक विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने एनजीटी को जवाब दिया है. डीजीसीए ने कहा है कि विमानों की उड़ान के दौरान आसमान में अपशिष्ट गिराना संभव नहीं है. इसी के साथ डीजीसीए ने अधिकरण में एक याचिका भी दायर की है.

याचिका में कहा गया है कि वह अपने उस आदेश पर रोक लगाए और पुर्निवचार करें. जिसके तहत उसे निर्देश दिया गया था कि वह आईजीआई एयरपोर्ट से परिचालित होने वाली सभी एयरलाइन्स को एक परिपत्र जारी करे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे आसमान में अपने विमानों के शौचालयों की टंकी खाली ना करें.

बता दें कि राष्ट्रीय हरिण अधिकरण (NGT) ने एक याचिका दायर कर दावा किया है कि विमानों की उड़ान के दौरान आसमान में उसके शौचालय से मानव अपशिष्ट नीचे गिराना असंभव है. इसी याचिका का जवाब डीजीसीए ने एनजीटी को दिया. साथ ही एक अधिकरण में एक याचिका दायर कर उससे अपने उस आदेश पर रोक लगाने और पुर्निवचार करने का अनुरोध किया है.

जस्टिस रघुवेंद्र सिंह राठौर की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने मूल याचिकाकर्ता लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सतवंत सिंह दहिया और अन्य को इस सिलसिले में नोटिस जारी किया था. जिसका 23 मई तक जवाब मांगा गया है. बता दें कि दहिया ने अधिकरण में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि 2016 में दिवाली से पहले उनके दक्षिण दिल्ली स्थित आवास पर विमान से मानव अपशिष्ट गिरा.

इसके बाद अधिकरण ने डीजीसीए को निर्देश दिया था कि वह सभी एयरलाइनों को यह परिपत्र जारी करे कि यदि इस तरह की गतिविधि में उनके विमान संलिप्त पाए गए तो उन्हें पर्यावरण मुआवजा के तौर पर 50,000 रूपया अदा करना होगा.

बता दें कि इस याचिका में एनजीटी द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति के तथ्यों का हवाला दिया गया था. जिसमें में कहा गया था कि उड़ान में अपशिष्ट के निपटारे के लिए कोई स्विच या प्रणाली उपलब्ध नहीं है. वहीं, डीजीसीए ने जवाब देते हुए कहा है कि आसमान में विमान के शौचालय से मानव अपशिष्ट गिराना असंभव है और किसी पक्षी ने शिकायतकर्ता के मकान को गंदा किया होगा, जिसके बाद एनजीटी ने अपशिष्ट के नमूने की जांच का आदेश दिया था.

वहीं केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जांच के बात बताया था कि नमूनों में मानव अपशिष्ट की मौजूदगी के संकेत मिले हैं. एनजीटी ने डीजीसीए को विमानों के उतरने के दौरान औचक निरीक्षण करने को भी कहा है, ताकि यह जांच की जा सके कि उनके शौचालयों की टंकी हवाईअड्डा पर उतरते समय खाली ना हो.

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First published: 22 May 2018, 11:21 IST
 
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