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दिग्विजय सिंह: एनडीए सरकार ने मसूद अजहर को रिहा करके देश की सुरक्षा से खिलवाड़ किया

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 5:48 IST
(एजेंसी)

जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में रविवार को पाक समर्थित आतंकियों के द्वारा आर्मी बटालियन मुख्यालय पर हुए हमले के बाद कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है.

साल 1999 में भारतीय विमान अपहरण के बाद आतंकवादी मसूद अजहर को रिहा करने के लिए तत्कालीन वाजपेयी सरकार को दिग्विजय ने कटघरे में खड़ा किया और आरोप लगाया कि एनडीए सरकार ने ऐसा करके राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया था.

इस आतंकवादी हमले के मद्देनजर अपने कई ट्वीट में दिग्विजय सिंह ने पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए उस पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की पुरजोर वकालत की और नियंत्रण रेखा के पास मौजूद सेना के शिविर की सुरक्षा में इसकी 'नाकामी' की भी पड़ताल करने पर जोर दिया.

कांग्रेस महासचिव सिंह ने कहा, "भारतीय विमान अपहरण के मामले में हमने मसूद अजहर को रिहा करके समझौता किया. सीख? कभी राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं करें."

उन्होंने कहा, "हमले के पीछे मसूद अजहर के जैश-ए-मोहम्मद का हाथ है. निश्चित तौर पर इसमें पाकिस्तान प्रशासन की पूरी मिलीभगत है."

उन्होंने कहा, "हमें नियंत्रण रेखा के पास मौजूद सेना के शिविर की सुरक्षा में इसकी नाकामी की भी पड़ताल करनी चाहिए."

कांग्रेस नेता ने कहा, "उरी के शहीदों को श्रद्धांजलि. पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए भारत सरकार को निश्चित तौर पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाना चाहिए."

गौरतलब है कि 24 दिसंबर 1999 को नेपाल से दिल्ली जा रहे विमान आईसी-814 का अपहरण कर लिया गया था. विमान में 176 यात्री सवार थे. यात्रियों एवं चालक दल के सदस्यों की सुरक्षित रिहाई के एवज में तत्कालीन वाजपेयी सरकार ने मसूद अजहर सहित तीन आतंकियों को रिहा कर दिया था.

बाद में अजहर मसूद ने पाकिस्तान में पहुंचकर जैश-ए-मोहम्मद नाम के आतंकी संगठन को बनाया. 13 दिसंबर 2001 को जैश-ए-मोहम्मद के ही पांच आतंकियों ने भारतीय संसद पर हमला किया था.

First published: 19 September 2016, 2:46 IST
 
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