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लोकसभा में आज जीएसटी संविधान संशोधन बिल पर लगेगी मुहर

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 August 2016, 11:03 IST

लोकसभा में आज वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संविधान संशोधन बिल पर बहस होगी. राज्यसभा से बिल को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है.

राज्यसभा में संशोधनों के साथ जीएसटी बिल पिछले हफ्ते पेश हुआ था. उच्च सदन से पास होने के बाद अब संशोधित बिल को निचले सदन यानी लोकसभा से पास होने की दरकार है.

हालांकि लोकसभा में भी बिल की राह में कोई रुकावट नहीं है, क्योंकि यहां एनडीए के पास बहुमत है. इस बीच बीजेपी और कांग्रेस ने अपने सदस्यों को सदन में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी किया है. पीएम नरेंद्र मोदी भी आज सदन में चर्चा के दौरान बोल सकते हैं.

122वां संविधान संशोधन विधेयक

महत्वपूर्ण कर सुधारों वाले जीएसटी संविधान संशोधन विधेयक का लगभग सभी राजनीतिक दलों ने समर्थन किया है. 1991 के बाद दूसरे बड़े आर्थिक सुधारों की शुरुआत करने वाले जीएसटी विधेयक के निचले सदन में आसानी से पारित हो जाने की संभावना है.

इस बिल के पास हो जाने के बाद पूरे देश में एक समान टैक्स सिस्टम लागू हो जाएगा. अलग-अलग राज्यों के टैक्स खत्म हो जाएंगे. विधेयक को लोकसभा ने पिछले साल पारित किया था और अब राज्यसभा द्वारा अनुमोदित संशोधनों को शामिल करने के लिए इसे वापस लोकसभा में लाया जा रहा है.

एक महीने में 16 राज्यों की मंजूरी जरूरी

जीएसटी को जल्द लागू कराने के लिए वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों ने एनडीए शासित सभी प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों से बात की है. मुख्यमंत्रियों ने आश्वासन दिया है कि जरूरत पड़ने पर वे विधेयक को अपनी अपनी विधानसभाओं में पारित कराने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएंगे.

संसद द्वारा पारित किए जाने के 30 दिन के भीतर जीएसटी को कम से कम 16 राज्यों की मंजूरी मिलना जरूरी है. विधेयक पर करीब एक साल तक कड़े विरोध के बाद सरकार कांग्रेस समेत सभी प्रमुख विपक्षी दलों को साथ लाने में कामयाब हो गई. 

एक समान टैक्स सिस्टम

3 अगस्त को भारी बहुमत से उच्च सदन ने इसे पारित कर दिया था. 203 सदस्यों ने बिल के पक्ष में वोट किया था, जबकि विरोध में एक भी वोट नहीं पड़ा था. जीएसटी को लागू करने के लिए आधार तैयार करने संबंधी संविधान (122वां संशोधन) विधेयक 2014 को विपक्षी बहुमत वाले उच्च सदन में सरकार द्वारा चार संशोधन पेश किए जाने के बाद पारित किया गया था.

जीएसटी के एक बार लागू होने के बाद सभी बाकी कर जैसे उत्पाद कर, सेवा कर, चुंगी और अन्य शुल्क समाप्त हो जाएंगे और इससे होने वाले राजस्व को केंद्र तथा राज्यों के बीच साझा किया जाएगा.

नए जीएसटी कानून के तहत वस्तुओं पर कर उपभोग के स्तर पर लगाया जाएगा. इससे पहले उत्पादों वस्तुओं पर कर विभिन्न स्तर पर और अलग-अलग तरीके से लगाया जाता था.

First published: 8 August 2016, 11:03 IST
 
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