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मोदी के नोटबंदी वाले भाषण को प्री रिकॉर्डेड बताने वाले दूरदर्शन पत्रकार को मिल रही धमकियां

शाहनवाज़ मलिक | Updated on: 7 February 2017, 8:19 IST
(फ़ेसबुक हैंडल, सत्येंद्र मुरली )
QUICK PILL
  • दूरदर्शन के पत्रकार सत्येंद्र मुरली ने 24 नवंबर को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में एक प्रेस कांफ्रेंस करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया है कि 8 नवंबर की रात 8 बजे हुआ उनका भाषण लाइव नहीं था. 
  • मगर इस आरोप के बाद उन्हें उनके मोबाइल और फेसबुक हैंडल पर धमकियां और गालियां मिल रही हैं. 
  • उन्होंने इसकी जानकारी दूरदर्शन में अपने आला अधिकारियों को दे दी है. वहीं अधिकारियों ने उन्हें उनके रूटीन काम से हटा दिया है. अब वह सीधे न्यूज़रूम डायरेक्टर को रिपोर्ट करेंगे.

नोटबंदी से जुड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण पर सवाल उठाने वाले दूरदर्शन के पत्रकार सत्येंद्र मुरली को फ़ोन पर धमकियां मिल रही हैं. उनके मोबाइल पर फ़ोन करके पूछा जा रहा है कि तुम्हें ज़िंदा रहना है या नहीं, हम तुम्हें उठवा लेंगे आदि. उन्हें फेसबुक पर इनबॉक्स में जाकर गालियां और धमकी भी दी गई हैं. पत्रकार सत्येंद्र मुरली ने 24 नवंबर की शाम प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में दावा किया था कि 8 नवंबर की रात राष्ट्र के नाम मोदी का संबोधन लाइव नहीं था.

कैच से सत्येंद्र ने बताया कि प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उन्होंने अपना मोबाइल नंबर सार्वजनिक किया था. ज़्यादातार फ़ोन बधाई के लिए आए लेकिन तकरीबन 10 से ज़्यादा फोन कॉल पर धमकी और गालियां दी गई. सत्येंद्र ने इसकी जानकारी दूरदर्शन में अपने आला अधिकारियों को दे दी है और निजी कारणों से दिल्ली पुलिस को इसके बारे में नहीं बताया है. उन्होंने कहा कि वह अपनी सुरक्षा ख़ुद कर रहे हैं.

ऑफ़िस में रूटीन काम नहीं करेंगे

प्रेस कांफ्रेंस के अगले दिन सत्येंद्र मुरली डेढ़ बजे की शिफ़्ट में कॉपरनिकस मार्ग स्थित दूरदर्शन के ऑफिस पहुंचे. कैच सूत्रों के मुताबिक तकरीबन ढाई बजे उनकी मुलाक़ात न्यूज़ रूम के डायरेक्टर से हुई. 

उनके एक सहयोगी ने उन्हें दूरदर्शन ऑफ़िस में सतर्क रहने की हिदायत दी है क्योंकि वहां हाथापाई का ख़तरा है. सत्येंद्र अब रूटीन काम भी नहीं करेंगे. वह शाम को पौने छह बजे दूरदर्शन के दफ़्तर से निकल गए. 

पर्दा उठाने के पुख़्ता सबूत

8 नवंबर की रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण लाइव था या नहीं? सत्येंद्र मुरली ने यही सवाल उठाया है. कैच न्यूज़ से उन्होंने कहा कि भाषण लाइव नहीं था और इसे साबित करने के लिए मेरे पास पर्याप्त और पुख़्ता सबूत हैं. सत्येंद्र ने सुप्रीम कोर्ट के एक वक़ील से मुलाकात की है. वह कोर्ट को अप्रोच करने की तैयारी कर रहे हैं. इतने दिन बाद प्रेस कांफ्रेंस करने की वजह पूछने पर सत्येंद्र ने कहा कि इस दौरान वह सबूत जुटा रहे थे. फिलहाल उनके पास कागज़ी, ऑडियो और वीडियो तीनों तरह के सुबूत हैं.

कैच सूत्रों के मुताबिक पीएम का भाषण लाइव नहीं था, यह दूरदर्शन के आला अधिकारी भी मानते हैं, दूरदर्शन के एक बड़े अधिकारी ने फ़ोन पर अपने एक जूनियर से कहा कि भाषण लाइव नहीं है, वह सब पहले ही हो गया था.

पत्रकार के आरोप

जयपुर के रहने वाले सत्येंद्र मुरली अगस्त 2013 से दूरदर्शन में काम कर रहे हैं और 24 नवंबर की शाम पीएम के भाषण पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. सत्येंद्र का दावा है कि...

1- प्रधानमंत्री का भाषण कई दिनों पहले लिखा जा चुका था. इसकी रिकॉर्डिंग और एडिटिंग की गई है ना कि लाइव प्रसारण हुआ है. सत्येंद्र के मुताबिक इसे साबित करने के लिए उनके पास पुख़्ता सुबूत हैं.

2- मीडिया को यह भाषण लाइव बैंड के साथ प्रसारित करने के लिए कहा गया था और दूरदर्शन समेत तमाम न्यूज़ चैनलों ने ऐसा ही किया.

3- नोटबंदी का फ़ैसला मोदी पहले ले चुके थे. उनका भाषण भी पहले लिखा जा चुका था. रिकॉर्डिंग भी पहले हो गई थी. बस देश को दिखाने के लिए 6 बजे आरबीआई से प्रस्ताव मंगवाने और फ़ैसले की मंज़ूरी के लिए 7 बजे कैबिनेट की बैठक बुलाने का ढोंग किया.

4- भाषण देखने पर यह साफ़ है कि उसमें कई कट लगे हुए हैं और उसे छिपाने के लिए इफेक्ट (डिज़ॉल्व) का इस्तेमाल किया गया है.

दस्तावेज़ के लिए आरटीआई

सत्येंद्र ने कहा यह सबकुछ प्रधानमंत्री कार्यालय से किया गया है लेकिन आरटीआई की अर्ज़ी लगाने पर जवाब देने की बजाय उसे सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और आर्थिक मामलों के विभाग में भेजकर घुमाने की कोशिश की जा रही है. सत्येंद्र के सवाल...

1- क्या 8 नवंबर की रात 8 बजे प्रधानमंत्री का भाषण लाइव टेलिकास्ट किया गया था?

2- अगर भाषण की रिकॉर्डिंग पहले की गई तो उसकी रॉ फुटेज उपलब्ध करवाएं या फिर अवलोकन की मंज़ूरी दें.

3- 500 और 1000 के नोटों को बदलने का फ़ैसला कब लिया गया? इसकी अनुमति कब दी गई? दस्तावेज़ उपलब्ध करवाएं या अवलोकन की मंज़ूरी दें.

4- 2000 की नोट छापने की अनुमति कब दी गई. दस्तावेज़ उपलब्ध करवाएं या अवलोकन की मंज़ूरी दें.

5- The Govt of India (Transaction of business) rules 1961 एवं RBI Act 1934 की अनुपालना उपरोक्त के संदर्भ में की गई है?

6- क्या 2000 की नोट छापने के नोटिफ़िकेशन जारी किए गए थे?

First published: 26 November 2016, 8:08 IST
 
शाहनवाज़ मलिक @catchhindi

स्वतंत्र पत्रकार

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