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सजायाफ्ता बाहुबली डीपी यादव मकोका में गिरफ्तार

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 July 2016, 12:21 IST
(एजेंसी)

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता डीपी यादव को दिल्ली पुलिस ने क्रिकेट सट्टेबाजी के मामले में मकोका के तहत गिरफ्तार किया है. डीपी यादव फिलहाल पूर्व एमएलए महेंद्र भाटी की हत्या के मामले में देहरादून जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं. 

हत्या की सजा काट रहे डीपी यादव पर मकोका केस लगना उनके गुनाहों की फेहरिश्त में एक और पन्ना जुड़ने के जैसा है. डीपी यादव के बेटे विकास यादव और भतीजे विशाल यादव भी इस समय नीतीश कटारा हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं. इसके अलावा विकास और विशाल, हरियाणा के नेता विनोद शर्मा के बेटे मनु शर्मा के साथ जेसिका लाल हत्याकांड में भी सजायाफ्ता हैं. 

डीपी यादव पर लगे मकोका केस के बारे में दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिले के डीसीपी एके सिंगला ने बताया कि डीपी यादव को क्रिकेट और अन्य खेलों में सट्टा लगाने के रैकेट चलाने के आरोप में मकोका के तहत गिरफ्तार किया गया है. 

उन्होंने बताया कि इस मामले का खुलासा पिछले साल अगस्त महीने में अपराधियों को पकड़ने के बाद हुआ था, लेकिन केस पिछले साल नवंबर महीने में दर्ज किया गया था. उन अपराधियों के बयान के आधार पर ही डीपी यादव को इस मामले में मुख्य आरोपी पाया गया था. दिल्ली पुलिस ने मकोका के तहत डीपी यादव को गिरफ्तार कर लिया है और फिलहाल कोर्ट ने डीपी यादव को 10 दिन की पुलिस रिमांड में भेजा है. पूछताछ के बाद पुलिस यादव को कोर्ट में दोबारा पेश करेगी.

गौरतलब है कि 26 अगस्त 2015 को दिल्ली पुलिस को इस बात की सूचना मिली थी कि राजधानी के भजनपुरा इलाके में एक घर से सट्टेबाजी का कारोबार चल रहा है. पुलिस ने इस मामले में छापेमारी की और मौके से 14 लोगों को गिरफ्तार किया था. इसमें चार नाबालिग भी शामिल थे. पुलिस ने मौके से 25 मोबाइल फोन और लैपटॉप भी बरामद किया था. 

तत्कालीन स्पेशल पुलिस कमिश्नर दीपक मिश्र ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त जांच के आदेश दिए थे, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ था और डीपी यादव का नाम सामने आया था.

पुलिस ने भजनपुरा के घर से जिन 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, उनमें मास्टरमाइंड शहनवाज भी शामिल था. पुलिस ने जब शहनवाज से कड़ाई से पूछताछ की तब उसने अपने मालिकों रोशनलाल वर्मा और अमरनाथ बजाज का नाम लिया था. 

पुलिस ने रोशनलाल वर्मा और अमरनाथ बजाज को भी गिरफ्तार किया था. दोनों ने पुलिस से हुई पूछताछ में स्वीकार किया कि डीपी यादव उसके सट्टेबाजी के गैंग को सुरक्षा देते थे. उन्होंने पुलिस को यह भी बताया था कि इसके बदले में वे डीपी यादव को दो लाख रूपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान करते थे.

First published: 28 July 2016, 12:21 IST
 
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