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चुनावी माहौल में Facebook का बड़ा ऐलान, इन चीजों को शेयर करने पर होगी पाबंदी

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 October 2018, 13:14 IST

देश में इस समय चुनावी माहौल पूरे जोरों पर हैं. चुनावों के मद्देनजर सभी राजनैतिक पार्टियां अपनी तैयारियों में लगी हुई हैं. इसी भाग-दौड़ में कई बार देखा जाता है कि एक दूसरे से प्रतिस्पर्धा के चलते पार्टियां कई बार उत्तेजक बयान भी दे देती हैं. लेकिन इस बयानबाजी और भाषणों का आम जनता पर काफी बुरा असर पड़ता है. इसी एक साथ ये भाषण चुनावों को भी प्रभावित करते हैं. देश में इस समय चुनावों के माहौल और सियासी गर्माहट को देखते हुए सबसे बड़े सॉइल मीडिया प्लेटफॉर्म, फेसबुक ने एक बड़ा फैसला किया है.

फेसबुक ने शनिवार को कहा, '''स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव' के लिए लोगों एवं नेताओं को फेसबुक के जरिए संवाद के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. हालांकि, चुनाव के दौरान नफरत भरे भाषण के प्रसार पर रोक लगाने के लिए कंपनी अलग से एक टीम की तैनाती करेगा.''

चुनावों के मद्देनजर फेसबुक प्लेटफॉर्म की गंभीरता समझते हुए फेसबुक के पब्लिक पॉलिसी ईएमईए के उपाध्यक्ष रिचर्ड एलन ने संवाददाताओं से कहा, 'हम चाहते हैं कि हमारे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव एवं सकारात्मक संवाद के लिए हो, हम नेताओं से बातचीत करने वाले लोगों का स्वागत करते हैं लेकिन हम नहीं चाहते हैं कि लोग इस मंच का दुरुपयोग करें.'

 

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फेसबुक पहले भी चुनाव के दौरान विचारों को प्रभावित करने, नफरत भरे भाषण के प्रसार करने को लेकर आलोचना झेलती रही है. अब फेसबुक ने हेट स्पीच के प्रसार को रोकने के लिए एक नई नीति पर काम करना शुरू किया है. इसके तहत कंपनी नफरत एवं हिंसा फैलाने वाली सामग्रियों के अपने प्लेटफॉर्म से हटा देगी. इस काम को करने के लिए फेसबुक अलग से टीम का गठन करेगी। इस टीम का काम सिर्फ इस तरह के भड़काऊ पोस्ट को फेसबुक से हटाना होगा.

इस मामले में रिचर्ड एलन ने कहा, '' विभिन्न देशों में अलग-अलग तरह से दुरूपयोग होता है लेकिन उनका सिद्धांत एक है. उन्होंने कहा कि फेसबुक इस मुद्दे के समाधान के लिए अपनी नीति को और कारगर बनाने की दिशा में काम कर रहा है.''

उन्होंने कहा, 'जब हम आगामी चुनावों के बारे में सोचते हैं तो निश्चित तौर पर दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के नाते भारत सबसे अहम हो जाता है. इसके लिए हमारे पास एक कार्यबल है. इसमें सुरक्षा एवं सामग्री विशेषज्ञ शामिल होते हैं. हम यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि भारत या ब्रिटेन या किसी अन्य देश में किस प्रकार दुरूपयोग होता है.'

देश में हाल ही में 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान हुआ है. इसी के मद्देनजर सभी पार्टियां चुनावी रण में उतरने के लिए पूरी तरह से कमर कस चुकी हैं. ऐसे में फेसबुक का बड़ा फैसला अराजक तत्वों पर लगाम लगा सकेगा जो कि सोशल मीडिया के जरिए नफरत फैलाने का काम करते हैं.

First published: 7 October 2018, 13:15 IST
 
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