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'ऑपरेशन जिंजर' 2011: सर्जिकल स्ट्राइक में एलओसी पार 3 पाक सैनिकों के काटे थे सिर!

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 October 2016, 14:34 IST
QUICK PILL
  • अंग्रेजी अखबार द हिंदू का दावा है कि पांच साल पहले भारतीय सेना ने एलओसी पार करते हुए सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था.
  • ऑपरेशन जिंजर नाम की इस कार्रवाई में भारतीय सेना के 25 पैरा कमांडो शामिल थे. जिसकी प्लानिंग कुपवाड़ा बेस 28 डिवीजन के मुखिया रहे रिटायर्ड मेजर जनरल एसके चक्रवर्ती ने की थी.
  • जुलाई 2011 में 6 भारतीय सैनिकों की शहादत का बदला लेने के लिए इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया. 
  • पाकिस्तान बैट (बॉर्डर एक्शन टीम) ने कुपवाड़ा के गुगलधार रिज में एक आर्मी पोस्ट पर हमला किया था. इस दौरान दो भारतीय सैनिकों के कटे सिर वे अपने साथ ले गए थे.

पिछले महीने भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर सियासत गर्म है. जहां एक ओर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बयान पर हंगामा मचा है, वहीं दूसरी ओर यह भी कहा जा रहा है कि 1971 युद्ध के बाद पहली बार भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा पार करके सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया है.

भारतीय और पाकिस्तानी मीडिया में सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर अलग-अलग खबरें निकलकर आ रही हैं. इस बीाच अंग्रेजी अखबार द हिंदू ने दावा किया है कि इससे पहले भी नियंत्रण रेखा को पार करके भारतीय सेना  सर्जिकल स्ट्राइक कर चुकी है. 

30 अगस्त 2011 को ऑपरेशन जिंजर

खास बात यह है कि अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक यह सर्जिकल हमला कांग्रेस नीत यूपीए सरकार के दौर में हुआ था. द हिंदू का दावा है कि भारतीय सेना ने पांच साल पहले 30 अगस्त 2011 को नियंत्रण रेखा पार करते हुए पाकिस्तानी सैनिकों को सबक सिखाया था. अखबार का कहना है कि इसमें भारतीय सेना के 25 पैरा कमांडो ने हिस्सा लिया था.

अखबार के मुताबिक सेना की इस कार्रवाई को ऑपरेशन जिंजर नाम दिया गया था. दरअसल भारतीय फौज ने यह सर्जिकल हमला छह भारतीय सैनिकों की शहादत का पाक सेना को जवाब देने के लिए किया था. अंग्रेजी अखबार द हिंदू ने अपनी रिपोर्ट में कुछ दस्तावेज भी प्रकाशित किए हैं.

द हिंदू

8 पाक सैनिकों को मार गिराया

अंग्रेजी अखबार के मुताबिक इस सर्जिकल हमले के दौरान भारतीय सेना पाक अधिकृत कश्मीर में घुस गई थी और 8 पाकिस्तानी सैनिकों को ढेर कर दिया था. अखबार का कहना है कि इनमें से तीन पाक सैनिकों के सिर कलम कर दिए गए थे.  

5 साल पहले हुई इस सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में द हिन्दू अखबार ने पुख्ता सबूत होने का भी दावा किया है. अखबार का कहना है कि भारतीय सैनिकों ने नियंत्रण रेखा के पार पीओके में इस ऑपरेशन को 48 घंटे में अंजाम दिया था. 

ट्रॉफी की तरह सजाए सिर 

अखबार के मुताबिक 2011 की गर्मियों में भारत और पाकिस्तान के सैनिकों ने एलओसी पार दो खूनी सर्जिकल हमले किए. दोनों तरफ से इस हमले में कुल 13 सैनिकों की मौत हुई थी. इस दौरान छह सैनिकों के सिर काट दिए गए थे. 

अखबार के मुताबिक इनमें से पांच सैनिकों के कटे हुए सिर बॉर्डर पर ट्रॉफी की तरह रखे गए थे. तीन पाकिस्तानी सैनिकों के सिर भारत के पास थे, जबकि दो भारतीय सैनिकों के पाक सैनिकों के पास.

द हिंदू

मेजर जनरल एसके चक्रवर्ती ने की पुष्टि

द हिंदू के मुताबिक भारतीय सैनिकों ने पीओके में पाकिस्तानी पुलिस चौकी के पास बारूदी सुरंग भी बिछा दी थी. अखबार के मुताबिक कुपवाड़ा बेस 28 डिवीजन के मुखिया रहे रिटायर्ड मेजर जनरल एसके चक्रवर्ती ने भारत के सर्जिकल स्ट्राइक की प्लानिंग की और साथ ही इसे अंजाम देने में भी भूमिका निभाई.

अखबार का कहना है कि रिटायर्ड मेजर जनरल एसके चक्रवर्ती की तरफ से कार्रवाई की पुष्टि की गई है, लेकिन ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया गया.

30 जुलाई को पाक बैट का हमला

अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी सैनिकों ने 30 जुलाई की दोपहर में कुपवाड़ा के गुगलधार रिज में एक आर्मी पोस्ट पर हमला किया था. इसमें राजपूत और कुमाऊं रेजीमेंट के छह सैनिकों की मौत हो गई थी.

रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी सेना की बैट (बॉर्डर एक्शन टीम) के हमले के वक्त 19 राजपूत बटालियन की जगह 20 कुमाऊं रेजीमेंट के जवानों की अदला-बदली हो रही थी.

हमले के बाद 20 कुमाऊं के हवलदार जयपाल सिंह अधिकारी और लांस नायक देवेंद्र सिंह के सर बैट टीम अपने साथ ले गई थी. वहीं 19 राजपूत रेजीमेंट के घायल एक जवान की अस्पताल में मौत हो गई थी.

पत्रकार विजेता सिंह दावे पर कायम

इस रिपोर्ट को करने वाली द हिन्दू अखबार की पत्रकार विजेता सिंह का कहना है, "मैं ये नहीं जानती कि इस बार इसका एलान क्यों किया गया है. लेकिन हमारे जवानों ने 2011 में ऑपरेशन जिंजर को अंजाम देते हुए 6 भारतीय सैनिकों की मौत का बदला लिया था. इस ऑपरेशन को बेहद खुफिया रखा गया था. ऑपरेशन से पहले भारतीय सेना ने सात बार रेकी भी की थी. ज्यादा लोगों को नुकसान पहुंचाने के लिए माइंस बिछाए गए थे."

अखबार के मुताबिक इस ऑपरेशन में एक भारतीय जवान जख्मी हो गया था. पत्रकार विजेता सिंह का कहना है, "ऑपरेशन जिंजर के दौरान एक भारतीय सैनिक घायल हो गया था. उस सैनिक की उंगली घायल हुई थी."

द हिंदू ने ऑपरेशन जिंजर को अंजाम देने वाले एक सैन्य अधिकारी के हवाले से लिखा, "हमने इसके लिए 30 अगस्त को मंगलवार का दिन चुना था, क्योंकि इस दिन हमने हमेशा जीत हासिल की थी. यह ऑपरेशन ईद से एक दिन पहले किया गया, क्योंकि पाकिस्तान को इस वक्त हमले की उम्मीद ना के बराबर थी."

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First published: 9 October 2016, 14:34 IST
 
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