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ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे: PM मोदी के उद्घाटन के 13वें दिन ही देश के सबसे पहले स्मार्ट हाईवे में दरार

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 June 2018, 14:29 IST

13 दिन पहले यानि 27 मई को पीएम मोदी ने देश के सबसे पहले स्मार्ट हाईवे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे का उद्घाटन किया था. पीएम मोदी द्वारा भव्य उद्घाटन किए गए इस हाईवे को बनाने में 5764 करोड़ रुपये की लागत आई थी. इस हाईवे को बने अभी आधा महीना भी नहीं बीते हैं अब खबर है कि इसमें दरार आ गई है.

एक अखबार की खबरों के मुताबिक, अभी पहली बारिश भी ढंग से नहीं हुई थी. इसके बावजूद पबसरा गांव में टोल प्लाजा के पास मिट्टी खिसकने से हाईवे में दरार आ गई है. खबर के मुताबिक इसमें सिर्फ दरार ही नहीं आई है, बल्कि एनएचएआई की देश की पहली डिजिटल आर्ट गैलरी भी तालाब बन गई है. गैलरी में दो फुट तक पानी भरने से उपकरण खराब हो गए हैं.

एनएचएआई के अफसरों ने इसके लिए बहाने भी ढूंढ लिए हैं. अफसरों का कहना है कि जल निकासी के लिए 20 मीटर जमीन नहीं मिलने से नाला नहीं बन पाया जिससे जल निकासी न होने के कारण इसमें पानी भरा है. 

बता दें कि आर्ट गैलरी को केजीपी पर टोल प्लाजा के नीचे बनाया गया है. उसमें दो फुट तक पानी भर गया है. इसकी वजह से आर्ट गैलरी के डिजिटल कैमरों समेत अन्य कुछ उपकरण खराब हो गए हैं. पानी भरने से आर्ट गैलरी बंद हो गई है और आर्ट गैलरी की दीवारों में दरार तक आ गई है. कई जगहों से गैलरी की टाइल्स भी उखड़ गई है. 

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बता दें कि दो-तीन दिन पहले ही खबर आई थी कि 135 किमी लंबे बने इस एक्सप्रेसवे को एनएचएआई ने आधी-अधूरी तैयारियों के साथ चालू कर दिया है. एक्सप्रेसवे पर न तो सुरक्षा के इंतजाम हैं और न ही कोई सुविधा है. मुसीबत में मदद भी बहुत देर से मिलती है. एनएचएआई ने सिर्फ रोड बनाकर इसे वाहनों के लिए खोल दिया है.

ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे क्यों है खास

ईपीई यूपी और हरियाणा के 6 शहरों सोनीपत के कुंडली, बागपत, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद और पलवल को जोड़ता है. यह 135 किलोमीटर लंबा है. खास बात यह है कि यह सोलर पावर से लैस देश का पहला एक्सप्रेसवे है. इसमें 8 सोलर प्लांट बनाए गए हैं, जिनमें 4 हजार किलो वॉट बिजली पैदा होगी. एक्सप्रेसवे की 100% लाइट इसी से जलेंगी. हर 500 मीटर पर दोनों तरफ रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बने हैं.

इसके अलावा यह वर्ल्ड क्लास सुरक्षा इंतजामों से लैस है.इस एक्सप्रेसवे पर स्मार्ट एंड इंटेलिजेंट हाईवे मैनेजमेंट सिस्टम (एचटीएमएस) और वीडियो इंसीडेंट डिटेक्शन सिस्टम (वीआईडीएस) लगाए गए हैं. इसके किनारों में 2.5 लाख पौधे लगाए गए हैं जिनके लिए ड्रिप से सिंचाई के इंतजाम भी किए गए हैं.

साथ ही एक्सप्रेस वे पर 36 स्मारकों की प्रतिकृति लगाई गई हैं. कोशिश की गई है कि सड़क पर चलते वक्त सभी राज्यों की झलक दिखे. इसमें कुतुबमीनार, हवामहल, इंडिया गेट, लालकिला, चार मीनार, जलियांवाला बाग, अशोकचक्र, कीर्ति स्तंभ शामिल हैं. साथ ही हाईवे के किनारे 40 फाउंटेन देखने को मिलेंगे.

ये होगा फायदा
ईपीई के शुरू होने के बाद अगर हिमाचल प्रदेश के लोग उत्तर प्रदेश आना चाहते हैं या कोई राजस्थान से वहां जाना चाहता है तो इसके लिए सीधा रास्ता हो गया है. अब उन्हें दिल्ली के अंदर घुसने की जरूरत नहीं है. दिल्ली में रोजना 50 हजार वाहनों का दवाब कम होगा. जिससे प्रदूषण का स्तर 27% तक गिरने की उम्मीद है.

बता दें कि 10 मई को सुप्रीम कोर्ट ने ईपीई के उद्घाटन में देरी पर फटकार लगाते हुए कहा कि 31 मई तक प्रधानमंत्री उद्घाटन करें या न करें, 1 जून से हर हाल में हाईवे को जनता के लिए खोल दिया जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली-एनसीआर पहले से ही ट्रैफिक का भारी दबाव झेल रहा है.

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बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली के आसपास ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की प्लानिंग 2006 में ही शुरू हुई थी. दिल्ली को ट्रैफिक समस्या से निजात दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को दिल्ली के बाहर रिंग रोड बनाने का आदेश दिया था.

First published: 11 June 2018, 14:29 IST
 
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