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चुनाव आयोग की खुली चुनौती- हमारी EVM को हैक करके दिखाएं?

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 May 2017, 15:14 IST

मतदान में इस्तेमाल होने वाली ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की आशंकाओं पर विराम लगाने के लिए केंद्रीय चुनाव आयोग की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है. इस बैठक का उद्घाटन मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम ज़ैदी ने किया. इस मौके पर आयोग ने दावा किया कि ईवीएम के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है. चुनाव आयोग ने चुनौती दी है कि जो दल हैकिंग का दावा कर कर रहे हैं, वो चुनाव आयोग की मशीनों के साथ छेड़छाड़ करके दिखाएं.

कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी और आप समेत करीब 16 विपक्षी पार्टियों ने ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की आशंका जताई थी. चुनाव आयोग ने इन दलों की आशंकाओं को दूर करने के लिए आज यह बैठक बुलाई थी. इसमें 7 राष्ट्रीय पार्टियों के अलावा 48 मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय पार्टियों में से 35 के प्रतिनिधि शामिल हुए. बैठक में आईआईटी से बुलाए गए विशेषज्ञों ने ईवीएम में इस्तेमाल होने वाले सुरक्षा मानकों का ब्यौरा दलों के सामने रखा.

चुनाव आयोग का चैलेंज

चुनाव आयोग ने ईवीएम मशीनों के लाइव डेमो के लिए इंतज़ाम किये हैं और मशीनों से छेड़छाड़ का खुला चैलेंज दिया है. इसके लिए आयोग ने सभी पार्टियों को मीटिंग में अपने तीन नुमाइंदे भेजने को कहा है. इनमें से एक तकनीकी विशेषज्ञ होगा.

इसके अलावा चुनाव आयोग की एक योजना यह भी है कि 2019 से हर बूथ पर वीवीपैट मशीनों का इस्तेमाल किया जाए. वीवीपैट से हर वोट की रसीद निकलेगी और मतदाता ये देख पाएगा कि उसका वोट सही पड़ा है या नहीं.

रविवार और सोमवार का दिन तय

चुनाव आयोग ने रविवार और सोमवार का दिन ईवीएम हैकिंग के लिए तय किया है. हाल ही में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान ईवीएम जैसी मशीन से छेड़छाड़ का लाइव डेमो किया था. डेमो करने वाले आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा था कि तीन घंटे में किसी भी ईवीएम को हैक किया जा सकता है और दुनिया की कोई मशीन हैक प्रूफ नहीं है. 

चुनाव आयोग में आप ने कहा कि वीवीपैट मशीन का ईवीएम में इस्तेमाल किया जाए.  वहीं बसपा ने कहा कि बैलट पेपर से चुनाव होने चाहिए. पंजाब चुनाव में आप और यूपी चुनाव में बसपा ने ईवीएम से छेड़छाड़ कर चुनाव जीतने का आरोप लगाया था. 

EC ने VVPAT का दिया ऑर्डर

इस बीच चुनाव आयोग 2019 का लोकसभा चुनाव वीवीपैट से कराने की तैयारी में है. केंद्र सरकार ने वीवीपैट के लिए 3173 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की थी. चुनाव आयोग ने देश की दो एक्सपर्ट कम्पनियों को वीवीपैट का ऑर्डर सौंपा है.

दोनों पीएसयू कम्पनियां ECIL और BEL को 8 लाख 7 हज़ार 500 मशीनें तैयार करनी हैं. वीवीपैट लगी ईवीएम से वोट करने के बाद सात सेकेंड के लिए एक पर्ची निकलती है, जिस पर मतदान करने वाली पार्टी का सिंबल होता है. बाद में ये मशीन के अंदर जमा हो जाती है.

First published: 12 May 2017, 15:14 IST
 
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