Home » इंडिया » ED Has Tightens Its Grip Around Karti Chidamabaram
 

एयरसेल-मैक्सिस डील: कार्ती चिदंबरम के बुरे दिनों की आहट

सादिक़ नक़वी | Updated on: 10 February 2017, 1:48 IST
QUICK PILL
  • प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हाल ही में कार्ती चिदंबरम को दस दिनों के भीतर दिल्ली ऑफिस में पेश होने का आदेश दिया है. ईडी इस मामले की जांच कर रही है. 
  • कार्ती को पहले 5 जुलाई को ईडी ने पेश होने का आदेश दिया था, लेकिन व्यस्तता की वजह से वह पेश नहीं हो सके थे. जांच के दौरान ईडी को इस बात की जानकारी मिली है कि मैक्सिस ने कार्ती के खाते में करीब 1.34 करोड़ रुपये भेजे.
  • ईडी फिलहाल इस मामले में सीबीआई के फैसले का इंतजार कर रही है. सूत्रों की माने तो मामले की जांच कर रही सीबीआई इस मामले में तुरंत फैसला लेगी.

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ती चिदंबरम बड़ी मुश्किल में फंसते नजर आ रहे हैं. उनका कहना है कि एयरसेल मैक्सिस समझौते में उनकी भूमिका केवल एयरसेल के सिम कार्ड को रखने तक सीमित है, जिसका वह इस्तेमाल करते आ रहे थे. हालांकि जांच एजेंसियों का कहना है कि कार्ती इस डील में सबसे अधिक लाभ पाने वाले व्यक्ति रहे हैं.

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हाल ही में कार्ती चिदंबरम को दस दिनों के भीतर दिल्ली ऑफिस में पेश होने का आदेश दिया है. ईडी इस मामले की जांच कर रही है. कार्ती को पहले 5 जुलाई को ईडी ने पेश होने का आदेश दिया था, लेकिन व्यस्तता की वजह से वह पेश नहीं हो सके थे. जांच के दौरान ईडी को इस बात की जानकारी मिली है कि मैक्सिस ने कार्ती के खाते में करीब 1.34 करोड़ रुपये भेजे. इसके बाद ही उन्हें पेश होने का समन दिया गया.

अधिकारियों की माने तो अभी उनकी गिरफ्तारी के बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी. एजेंसी फिलहाल इस मामले में सीबीआई के फैसले का इंतजार कर रही है. सूत्र बताते हैं कि मामले की जांच कर रही सीबीआई इस मामले में तुरंत फैसला लेगी.

सीबीआई फिलहाल चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान फॉरेन इनवेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड की तरफ से एयरसेल मैक्सिस डील को मंजूरी दिए जाने की जांच कर रही है. आरोेपों के मुताबिक चिदंबरम ने अपने फायदे की खातिर इस डील को मंजूरी दी थी. उन्होंने इस डील को नियमों से इतर जाकर मंजूरी दी थी.

बीजेपी सांसद सुब्रमण्यन स्वामी सीबीआई और वित्त मंत्रालय पर धीमी गति से जांच किए जाने को लेकर हमला बोल चुके हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखी चिट्ठी में स्वामी ने कहा था कि सीबीआई इस मामले में ठंडी पड़ चुकी है.

ईडी ने हाल ही में कार्ती चिदंबरम को दस दिनों के भीतर दिल्ली ऑफिस में पेश होने का आदेश दिया है

ईडी के सूत्रों की माने तो उन्हें बड़ा सुराग मिला है और वह चाहते हैं कि कार्ती इस मामले में सामने आकर स्थिति स्पष्ट करें. अधिकारी ने कहा, 'उन्हें यह बताने में परेशानी होगी कि मैक्सिस ने उनके खाते में पैसा क्यों ट्रांसफर किया.' 

आधिकारिक सूत्र ने कहा, 'जबकि उनकी कंपनी के पास कंसल्टेंसी जैसी सेवा देने की भी विशेषज्ञता नहीं है.'

सूत्र ने कहा कि यह लेन-देन 2007 से 2010 के बीच हुआ है. ईडी ने पाया कि चेस मैनेजमेंट सर्विसेज को मैक्सिस समूह की कंपनी बूमि आर्मडा बरहद से 1 लाख डॉलर से अधिक की रकम मिली.

जांच अधिकारियों का कहना है कि चेस मैनेजमेंट को मैक्सिस मोबाइल एसडीएन बीएचडी से करीब 60,000 डॉलर और एस्ट्रो ऑल एशिया नेटवर्क से करीब 35,000 डॉलर मिले.

दिलचस्प तौर पर एस्ट्रो ऑल एशिया नेटवर्क उन कंपनियों में से एक है जिसके खिलाफ ईडी ने चार्जशीट दाखिल की है. ईडी ने मारन बंधुओं के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की है. आरोपों के  मुुताबिक डीएमके नेता और पूर्व मंत्री मारन ने एयरसेल के प्रमुख शिवशंकरण को मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर मलेशियाई मैक्सिस को बेचने के लिए दबाव डाला.

एक से अधिक कंपनी

इस  बीच चेस मैनेजमेंट एलएलएसी ही एकमात्र कंपनी नहीं है जो जांच के दायरे में है. जांच एजेंसियां एडवांटेज स्ट्रैटेजिक कंसल्टिंग की भी जांच कर रही है जिसकी कमान परोक्ष रुप से कार्ती के हाथों में है. यह कंपनी भी एयरसेल मैक्सिस डील में शामिल थी. 

कंपनी अपनी सिंगापुर की सहायक कंपनी की मदद से काफी संपत्तियों का नियंत्रण रखती है. जांच अधिकारियों की माने तो कंपनी ने रिसॉर्ट्स, अपार्टमेंट और फॉर्म्स में निवेश कर रखा है और यह सब करीब 13 देशों से अधिक में है.

ईडी के सूत्रों की माने तो रवि विश्वनाथन ने एजेंसी को बताया कि कार्ती ही दरअसल इस कंपनी के मालिक हैं. विश्वनाथन एडवांटेज स्ट्रैटेजिक कंसल्टिंग के डायरेक्टर्स में से एक हैं. विश्वनाथन से पिछले साल ईडी ने पूछताछ की थी. पी चिदंबरम अपने और अपने बेटे के खिलाफ सभी आरोपों को झुठला चुके हैं. उनका कहना है कि यह सब कुछ राजनीतिक बदले की भावना से किया जा रहा है.

First published: 10 July 2016, 8:30 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी