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चुनाव आयोग को अरविंद केजरीवाल का 'ईवीएम' चैलेंज मंज़ूर

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 April 2017, 14:08 IST

ईवीएम को लेकर चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपना लिया है. पांच राज्यों के चुनाव नतीज़ों के बाद लगातार राजनीतिक दल ईवीएम के साथ छेड़छाड़ के आरोप लगा रहे हैं. दिल्ली के सीेएम अरविंद केजरीवाल भी लगातार ईवीएम मशीन में छेड़छाड़ की बात कह रहे हैं और उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की है वो दिल्ली में होने वाले एमसीडी चुनाव बैलेट पेपर से कराए.

केजरीवाल के अनुसार मध्य प्रदेश के भिंड उपचुनाव की जिस ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत मिली है उसे उत्तर प्रदेश से भेजा गया था. केजरीवाल का चुनाव आयोग पर आरोप है कि इस मामले में उन्होंने कानून का उल्लंघन किया है. इस मशीन को बगैर 45 दिन पूरा हुए दूसरे चुनाव में भेज दिया गया. केजरीवाल ने चुनाव आयोग को चुनोती दी थी कि वो ये ईवीएम उन्हें दे दे वो साबित कर देंगे, इसमें छेड़छाड़ कैसे की जाती है. बगैर ईवीएम जांच के होने वाले चुनावों को केजरीवाल ने बेकार बताया है.

इसके बाद चुनाव आयोग ने एक बार फिर अरविंद केजरीवाल के आरोपों को नकार दिया है. नियमों के अनुसार वीवीपीएटी मशीन को 45 दिनों तक स्ट्रॉन्ग रूम में रखने का कोई प्रावधान नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी मशीनों से निकली हुई पर्चियों को लिफाफे में सील कर स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जाता है.

आयोग ने केजरीवाल के इस आरोप को भी नकार दिया कि यूपी चुनाव में प्रयोग में लाई गई ईवीएम को मध्य प्रदेश के भिंड उपचुनाव के लिए भेजा गया था. सूत्रों के अनुसार दिल्ली के सीएम केजरीवाल को चुनाव आयोग जल्द ही ईवीएम सौंप सकता है. चुनाव आयोग जल्द ही इस चुनौती के लिए तारीख भी घोषित कर सकता है.

यूपी चुनाव नतीजों के बाद सबसे पहले बसपा सुप्रीमो मायावती ने ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की बात कही थी. मायावती इस मुद्दे को लेकर कोर्ट भी गई हैं.

First published: 12 April 2017, 14:08 IST
 
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