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31 जनवरी से पहले नहीं होंगे लोकसभा चुनाव, चुनाव आयोग ने कयासों पर लगाया ब्रेक

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 September 2018, 12:55 IST
(file photo )

चुनाव आयोग ने इसी साल लोकसभा चुनाव कराए जाने के कयासों पर ब्रेक लगा दिया है. चुनाव आयोग ने कहा है कि 31 जनवरी  पहले लोकसभा चुनाव कराना संभव नहीं है. चुनाव आयोग का ये जवाब बीजू जनता दल के पत्र के जवाब में आया है.  चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि 31 जनवरी 2019 से पहले लोकसभा के चुनाव नहीं होंगे.

बता दें कि बीजेडी की पिनकी मिश्रा ने इसी साल लोकसभा के चुनाव को लेकर चुनाव आयोग को दो पेज का ज्ञापन सौंपा था, जिसमें कहा गया कि केंद्र सरकार लोकसभा के चुनाव जल्दी कराने की तैयारी कर रही है. ये भी कहा जा रहा है कि इसके साथ राज्यों के चुनाव भी कराए जा सकते हैं. पत्र में कहा गया है कि चुनाव आयोग को इसके लिए सारी तैयारियों पर ध्यान देना चाहिए. चुनाव आयोग को ओडिशा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद ही चुनाव कराने पर विचार करना चाहिए.

पत्र में बीजेडी की तरफ से अनुरोध किया गया है कि केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा के चुनाव जल्दी कराने को लेकर कोई भी फैसला करने से पहले ओडिशा के विधानसभा चुनाव पर भी ध्यान दिया जाए. पत्र में कहा गया है कि एक साथ चुनाव कराने के पीछे 1000 हजार करोड़ के अतिरिक्त खर्च को बचाने के लिए है. लेकिन अलग से चुनाव होने की स्थित में ओडिशा जैसे राज्य के पास इतनी राशि खर्च करने की क्षमता नहीं है. 

मोदी सरकार लोकसभा के चुनाव जल्दी कराने की तैयारी कर रही है. और विधानसभा के चुनाव इसी साल करा सकती है. अगर ऐसा होता है तो इससे ओडिशा को नुकसान होगा. ओडिशा एक बीमारू राज्य है. अगर लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ कराए जाते हैं तो इससे ओडिशा को 1000 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है. पत्र में कहा गया है कि सरकार द्वारा लोकसभा चुनाव 2019 से पहले कराने को लेकर किसी भी फैसले से पहले आप ओडिशा के चुनाव आयोजित कराने के लिए पर्याप्त तैयारी करें. एक साथ चुनाव कराने पर ओडिशा जैसे राज्य को 1000 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ेंगे, जो सही नहीं होगा. ओडिशा विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद ही चुनाव कराए जाएं. 

इकॉनोमिक्स टाइम्स से बात करते हुए बीजेडी नेता पिंकी मित्रा ने एक सवाल के में कहा कि ये सही है कि चुनाव आयोग ने उनसे स्पष्ट करते हुए कहा है कि 31 जनवरी 2019 से पहले लोकसभा के चुनाव संभव नहीं है. चुनाव आयोग ने पिंकी मिश्रा को बताया कि लोकसभा चुनाव के लिए जरूरी EVM मशीन और VVPAT 30 नंबवर 2018 तक के लिए है. इसके बाद उसके पहले चेकअप के लिए 2-3 महीने लगेंगे. इस प्रक्रिया को पूरा होने में जनवरी तक का समय लगेगा. इस स्थिति में 31 जनवरी से पहले लोकसभा चुनाव संभव नहीं हैं. इसलिए इस तारीख से पहले चुनाव को तर्कसंगत कारणों से अस्वीकार कर दिया गया है.

उन्होंने कहा कि हमारी एक ही चिंता है कि अगर लोकसभा के चुनाव 2-3 महीने पहले कराए जाते हैं. तो इस प्रक्रिया में ओडिशा को भी शामिल किया जाए. क्योंकि अलग से चुनाव कराने की स्थिति में ओडिशा को 1000 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ेंगे. नहीं तो इस राशि को केंद्र और राज्य सरकार को साझा करना पड़ेगा.

अगली लोकसभा का गठन 3 जून 2019 तक किया जाना है. इसके लिए आम चुनाव की घोषणा 6 महीने पहले की जानी चाहिए. इस स्थिति को देखते हुए अगले लोकसभा चुनाव की घोषणा 3 दिसंबर से पहले होना संभव नहीं है. बीजेडी का यह कदम ऐसे समय आया है, जब लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ कराने को लेकर चर्चा तेज है. बीजेडी पहली ही पीएम मोदी के एक साथ चुनाव के विचार का समर्थन कर चुकी है.  

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First published: 6 September 2018, 12:43 IST
 
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