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EC का राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे की जानकरी देने से इन्कार, बताया- RTI से बाहर

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 May 2018, 9:17 IST

केंद्रीय सूचना आयोग ने निर्देश दिया था कि सभी छह राष्ट्रीय दलों को पारदर्शिता कानून के तहत लाने के लिए अपने राजनीतिक चंदे का ब्यौरा देना होगा लेकिन इसके विपरीत चुनाव आयोग ने कहा है कि राजनीतिक दल आरटीआई कानून के दायरे से बाहर हैं. दरअसल एक आरटीआई कार्यकर्ता ने चुनाव आयोग को राजनीतिक पार्टियों के चंदे की जानकारी के लिए याचिका डाली थी. जिसके बाद चुनाव आयोग ने ये जवाब दिया है.

बता दें कि पुणे के आरटीआई कार्यकर्ता विहार ध्रुव ने आरटीआई के माध्यम से चुनाव आयोग को याचिका डाल सभी छह राष्ट्रीय दलों भाजपा, कांग्रेस, बसपा, राकांपा, भाकपा और माकपा के अलावा समाजवादी पार्टी द्वारा इलेक्टोरल बांड्स के माध्यम से जुटाए गए चंदे की जानकारी मांगी थी. जिसकी जानकारी देने से चुनाव आयोग ने इंकार कर दिया है. 

चुनाव आयोग ने सीधा-सीधा केंद्रीय सूचना आयोग के निर्देश का उल्लंघन करते हुए कहा कि राजनीतिक पार्टियां आरटीआई एक्ट के दायरे में नहीं आती हैं. गौरतलब है कि इन सभी छह राष्ट्रीय दलों को केंद्रीय सूचना आयोग जून 2013 में पारर्दिशता कानून के दायरे में लाया था.

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केंद्रीय जनसूचना अधिकारी के बयान का जिक्र करते हुए अपीली आदेश में कहा गया है, "जरूरी जानकारी आयोग के पास नहीं है. ये राजनीतिक दलों से जुड़ा हुआ है और वो आरटीआई के दायरे से बाहर हैं. वो इलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से जुटाए गए चंदे या धन की जानकारी वित्त वर्ष 2017-18 के कंट्रीब्यूशन रिपोर्ट में इलेक्शन कमीशन को सौंप सकते हैं जिसके लिए तय तारीख 30 सितंबर 2018 है."

First published: 28 May 2018, 9:10 IST
 
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