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महाराष्ट्र पुलिस ने लेटर जारी कर बताया, माओवादियों के संपर्क में थे गिरफ्तार एक्टिविस्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 August 2018, 18:11 IST
(ANI twitter)

माओवादियों से संपर्क रखने के आरोप में पांच बुद्धिजीवियों की घरों में नजरबंदी को लेकर देशभर में बवाल मचा हुआ है. इसको लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज है. पुणे पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए जा रहे थे. जिसको लेकर शुक्रवार को महाराष्ट्र पुलिस ने मीडिया के सामने पांचो आरोपियों के खिलाफ मिले सबूतों को मीडिया में सार्वजनिक किया. पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कुछ पत्र सार्वजनिक किए हैं. इन पत्रों से पता चलता है कि पांचों एक्टिविस्ट माओवादियों के साथ संपर्क में थे और कानूनी रूप से चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने की कोशिश में जुटे थे.

मीडिया खबरों के मुताबिक, महाराष्‍ट्र पुलिस के एडीजी परमबीर सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वह सभी आरोपियों के नक्सलियों से संपर्क होने को लेकर पूरी तरह से अश्वस्त हैं.  एक प्रक्रिया के तहत ही देश के विभिन्न शहरों में छापेमारी की गई थी. 

उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर, 2017 को भीमा कोरेगांव में हुई घटना के संबंध में 8 जनवरी, 2018 को मामला दर्ज किया गया था. पुलिस ने कहा कि ये कार्रवाई एक प्रक्रिया के तहत की जा रही है. उन्होंने बताया कि पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि माओवादी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे. उनकी इस साजिश में गिरफ्तार आरोपी मदद कर रहे थे.

इस दौरान एडीजी परमबीर सिंह ने गिरफ्तार आरोपियों और माओवादियों की सेंट्रल कमेटी के बीच हुई बातचीत का भी खुलासा किया है. उन्होंने जब्त कागजातों का हलावा देते हुए कहा कि इनमें 'मोदी राज को खत्‍म करने' के लिए हथियारों की खरीद का जिक्र है. इसके साथ ही एक पत्र में राजीव गांधी जैसी हत्या को अंजाम देने की साजिश रचने का जिक्र है. इस हमले को अंजाम देने के लिए कश्मीर के अलगाववादियों से हाथ मिलाने की योजना थी. इसके लिए फंडिग की व्यवस्था की जा रही थी.

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First published: 31 August 2018, 17:59 IST
 
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