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एम्ब्रायर विमान सौदा: बिचौलिए विपिन खन्ना पर एफआईआर, यूपीए शासन में हुई थी डील

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 October 2016, 11:02 IST

यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए एम्ब्रायर विमान सौदे में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की है. 2008 में हुई इस डिफेंस डील में रक्षा एजेंट विपन खन्ना को मुख्य आरोपी बनाया गया है.

20 करोड़ 80 लाख डॉलर की इस डील में प्रवासी भारतीय विपिन खन्ना पर 60 लाख डॉलर की दलाली करने का आरोप है. आरोप है कि ब्राजीली कंपनी से डील फाइनल करवाने के लिए उसने बिचौलिए की भूमिका निभाते हुए दलाली की.

क्या है एम्ब्रायर विमान सौदा?

एम्ब्रायर विमान सौदे के तहत तीन विमान खरीदे जाने थे, जिनमें एयरबोर्न अर्ली वार्निंग तथा कंट्रोल सिस्टम के लिए स्वदेश-निर्मित रडार लगने थे.

इस सौदे के तहत पहला विमान 2011 में दिया गया था, जबकि बाकी दोनों विमान 2013 में भारत के सुपुर्द किए गए. पहली बार यह सौदा उस वक्त कठघरे में आया जब अमेरिकी न्याय विभाग ने एम्ब्रायर के खिलाफ विभिन्न देशों में सौदे हासिल करने के लिए कथित रूप से रिश्वत देने की जांच शुरू की.

अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से यह जांच एम्ब्रायर और डोमिनिकन रिपब्लिक के बीच एक डील में संदेह पैदा होने के बाद शुरू की गई थी. इस जांच के दायरे में आठ अन्य देशों के साथ हुए व्यापारिक सौदे भी आ गए.

इससे पहले केंद्र सरकार ने पिछले महीने ब्राज़ीली विमान निर्माता कंपनी एम्ब्रायर से पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के कार्यकाल में हुए सौदे की जांच करने के लिए कहा था.

रक्षा मंत्रालय ने दुनिया के तीसरे सबसे बड़े विमान निर्माता एम्ब्रायर से उन मीडिया रिपोर्टों के बारे में सफाई मांगी थी, जिनमें कहा गया था कि कंपनी ने ब्रिटेन में बसे एक भारतीय बिचौलिये से यह सौदा पक्का करवाने के लिए सेवाएं ली थीं.

First published: 21 October 2016, 11:02 IST
 
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