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'अछूत की तरह व्यवहार हुआ तो आईएएस की नौकरी से दिया इस्तीफा'

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 February 2016, 13:43 IST

पूर्व आईएएस अधिकारी और दलित लेखिका पी. शिवकामी का कहना है कि 2008 में आईएएस की नौकरी से इस्तीफा दे दिया, क्योंकि उनके साथ अछूत की तरह व्यवहार किया जाता था.

शिवकामी 28 सालों तक प्रशासनिक सेवा में रहीं है. उनकी आखिरी पोस्टिंग आदि द्रविड़ और जनजाति कल्याण विभाग में सचिव पद पर तमिलनाडु में थी.

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उन्होंने बताया, 'दलितों के खिलाफ राजनीतिक वर्ग और अफसरशाही मिलकर काम करती है. जब मैं सेवारत थी तो मेरी स्थिति राज्य के मंत्री के बराबर थी. लेकिन मुझे आदिवासियों के बुनियादी अधिकारों के लिए भी संघर्ष करना पड़ा. मैं उनके कल्याण के लिए काम कर रही थी और मुझे उन्हीं के समुदाय का व्यक्ति बना दिया गया. मेरे साथ अछूत की तरह व्यवहार किया गया. मुझे महसूस हुआ कि निचली जातियों के खिलाफ एक अलिखित नियम बना हुआ है.'

उन्होंने बताया कि उद्योग, वित्त या गृह मंत्रालय में सचिव का पद प्रमुख माना जाता है. लेकिन पिछले 60 सालों में आज तक किसी दलित को यह पद नहीं दिया गया.

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आईएएस की नौकरी छोड़ने के बाद शिवकामी 2009 में बहुजन समाज पार्टी में शामिल हो गई. उसके एक साल बाद उन्होंने समुगा सामाथुवा पादाई नाम के एक राजनीतिक दल का गठन किया, जिसका उद्देश्य बेजुबानों और वंचितों की आवाज बनना है.

शिवकामी कहती हैं, 'मैं पहले आवाज नहीं उठा सकती थी. लेकिन अब मैं पार्टी के माध्यम से सार्थक काम कर रही हूं.' उनकी पार्टी की तमिलनाडु के 10 जिलों में उपस्थिति है.

First published: 5 February 2016, 13:43 IST
 
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