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अमित शाह से बातचीत: अगले तीन सालों में देश के कोने-कोने में पहुंचेगी भाजपा

भुवनेश जैन | Updated on: 26 May 2016, 23:11 IST
QUICK PILL
बुधवार को दिल्ली में मोदी सरकार के दो साल पूरे होने पर देश के चुनिंदा पत्रकारों से कैबिनेट मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने चर्चा की. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, वित्त मंत्री अरुण जेटली, रेल मंत्री सुरेश प्रभु, रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, शहरी विकास मंत्री वैंकया नायडू और संगठन महामंत्री रामलाल समेत सभी के चेहरों पर असम में पहली बार भाजपा के काबिज होने की खुशी साफ नजर आ रही थी. इस मौके शाह ने पत्रकारों से देश में पार्टी के भविष्य एवं उपलब्धियों पर औपचारिक एवं अनौपचारिक चर्चा की. इस बातचीत के प्रमुख अंश:

अब आप पार्टी का क्या भविष्य देखते हैं?

पूर्वोत्तर एवं दक्षिण के ताजा चुनाव परिणाम दर्शाते हैं कि भाजपा की रीति-नीति को देशभर में स्वीकारा जा रहा है. मेरा और देशभर के कार्यकर्ताओं का बचपन से सपना था कि पूर्वोत्तर में पार्टी की सरकार बने. असम में जीत पार्टी की विचाराधारा की बड़ी विजय है. अब हमने केंद्र सरकार का शेष तीन साल का लक्ष्य तय किया है कि देश के कोने-कोने में भाजपा पहुंच बना ले.

जीत तो सिर्फ असम में मिली, चार राज्यों में तो हार गए, फिर इतनी खुशी क्यों?

चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन से कार्यकर्ता उत्साहित हैं. केरल में पार्टी का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा. करीब 15 प्रतिशत वोट मिले हैं. यह बड़ी कामयाबी है. लगभग हर सीट पर वोट मिले हैं. पार्टी कितनी सीट जीती यह बड़ी बात नहीं है, प्रमुख यह है कि लोगों ने भाजपा को स्वीकारा है.

2019 के चुनाव में कौन होगा प्रतिद्वंद्वी?

हम तो हैं ही. अब बाकी दल चाय-नाश्ते पर चर्चा करके तय करें कि हमारा प्रतिद्वंद्वी कौन होगा. कांग्रेस तो लगातार सिमटती जा रही है.

क्या गुजरात में मुख्यमंत्री बदली जाएंगी?

यह सिर्फ मीडिया का शिगूफा है. पार्टी के स्तर पर एेसा न तो कभी सोचा गया न ही कभी कोई चर्चा हुई.

क्या पंजाब में 'आप' चुनौती देगी?

मैं अभी खुद पंजाब नहीं गया हूं. अत: फिलहाल कुछ कहना जल्दबाजी है. हां, इतना जरूर कि पंजाब कोई दिल्ली नहीं है.

यूपी में भाजपा की क्या संभावना देखते हैं?

उत्तर प्रदेश में भाजपा को पूर्ण बहुमत मिलेगा, इसमें कोई संदेह नहीं है. वहां पहले से पार्टी के 72 सांसद हैं. यूपी में प्रशासनिक भ्रष्टाचार और अव्यवस्था बड़ा मुद्दा बनेगा. पूरा यूपी भाजपा की तरफ आशा भरी नजरों से देख रहा है.

आप किसे प्रतिद्वंद्वी मानते हैं?

यूपी में समाजवादी पार्टी बड़ी प्रतिद्वंद्वी है. उसी से भाजपा का सीधा मुकाबला होगा.

पार्टी की क्या रणनीति होगी, राहुल-प्रियंका में किसे बेहतर मानते हैं?

यूपी में प्रतिद्वंद्वी दल यदि गठबंधन करेंगे तब रणनीति पर विचार करेंगे. राहुल गांधी या प्रियंका गांधी वाड्रा जब चुनाव में आएंगे तब देखा जाएगा.

क्या नीतीश फैक्टर चलेगा?

नीतीश फैक्टर चला तो भाजपा के लिए फायदेमंद होगा.

आप पार्टी की बड़ी खासियत क्या मानते हैं?

हम भाजपा को एक जिम्मेदार सरकार मानते हैं. किसी भी विषय से भागते नहीं. कुशल एवं पारदर्शी सुशासन बड़ी खासियत है. पार्टी हर वंचित का ध्यान रखते हैं.

एनडीए का क्या भविष्य है?

एनडीए का लगातार विस्तार हो रहा है. नार्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट की स्थापना की है. इसमें विभिन्न 25 दल शामिल हैं. एनडीए लगातार बढ़ रहा है.

कांग्रेस मुक्त नारे से क्या आशय है?

हमारे कांग्रेस मुक्त नारे को गलत समझा जा रहा है. यहां हमारा आशय स्पष्ट है कि कांग्रेस शासन में फैले भ्रष्टाचार, अपराध और अव्यवस्था से देश को मुक्ति दिलाना है.

राम मंदिर पर पार्टी का क्या मत है?

राम मंदिर निर्माण हमारे घोषणा पत्र में शामिल है. यहां यह स्पष्ट है कि मंदिर निर्माण सर्वसम्मति से या अदालत के निर्णय  से होगा.

कश्मीर का क्या हल निकालेंगे?

कश्मीर अलग प्रकार की समस्या है. उसका हल निकालना हमारी प्राथमिकता है. हम लगातार प्रयास कर रहे हैं.

उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगा और फिर हट गया?

उत्तराखंड में प्रदेश सरकार से जनता नाराज है. सरकार विरोधी लहर है. वहां तकनीकी कारण से राष्ट्रपति शासन लगा था.

स्वामी के बयानों से क्या पार्टी सहमत है?

स्वामी के बयान उनकी निजी राय है. वह पार्टी का न तो मत है न ही लाइन. पार्टी लाइन सिर्फ वही है, जो मैं बोलता हूं.

भाजपा ने बिहार से क्या सीखा?यह सार्वजनिक करने का विषय नहीं है. हाल में हुए पांच राज्यों के चुनाव से पार्टी खुश है. खास तौर पर केरल में पार्टी के प्रदर्शन से उत्साह है.

First published: 26 May 2016, 23:11 IST
 
भुवनेश जैन @catchhindi

लेखक राजस्थान पत्रिका के ग्रुप एडिटर हैं.

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