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'उड़ता पंजाब' की गाली से नहीं 'राजनीतिक संदेश' से डर है

राजीव खन्ना | Updated on: 28 May 2016, 22:21 IST

निर्देशक अभिषेक चौबे की फिल्म 'उड़ता पंजाब' को केद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने प्रमाणपत्र देने से इनकार करने के पीछे भी राजनीतिक कारण होने की संभावना जताई जा रही है. फिल्म में शाहिद कपूर, आलिया भट्ट और करीना कपूर मुख्य भमिकाओं में हैं.

बोर्ड का कहना है कि फिल्म में गालियों का अत्यधिक प्रयोग किया गया है. हालांकि पंजाब में बहुत से लोगों को ये तर्क गले नहीं उतर रहा. 

पंजाब में सत्ताधारी शिरोमणी अकाली दल और बीजेपी गठबंधन पर नशाखोरी पर नियंत्रण न लगा पाने के आरोप लगते रहे हैं. राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं. 

ऐसे में लोगों का मानना है कि पंजाब में बढ़ती नशे की लत को केंद्र में रखकर बनी फिल्म से सत्ताधारी दल असहज महसूस कर रहा है.

इस बार परहेज क्यों?

सीबीएफएसी इससे पहले बैंडिट क्वीन और देल्ही बेली जैसी फिल्मों में गाली का प्रयोग को इजाजत दे चुका है. वहीं ग्रैंड मस्ती जैसी फिल्मों में दोहरे अर्थ वाले संवादों को भी बोर्ड की हरी झंडी मिल जाती है.

उड़ता पंजाब के निर्माताओं ने फिल्म को व्यस्क वर्ग में प्रमाणपत्र दिए जाने की माग की है फिर बोर्ड चाहता है कि वो फिल्म में कांट-छांट करें. पंजाब में कई लोग फिल्म की रिलीज को लेकर भी आशंका जता रहे हैं. 

राज्य के विपक्षी दलों का आरोप है कि प्रकाश सिंह बादल सरकार ने केंद्र सरकार को फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की राय दी है.

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उड़ता पंजाब को प्रमाणपत्र न देने को अभिव्यक्ति की आजादी का उल्लंघन बताया

कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष और पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने फिल्म को प्रमाणपत्र न दिए जाने पर सीबीएफसी की आलोचना की है. अमरिंदर के अनुसार बोर्ड ने अकाली-बीजेपी सरकार के कहने पर ऐसा किया है.

अमरिंदर ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री और वित्त मंत्री अरुण जेटली पर भी निशाना साधा है. अमरिंदर ने कहा, "अगर आपको लगता है कि एक फिल्म पर प्रतिबंध लगाकर दुनिया से पंजाब की कड़वी सच्चाई छिपायी जा सकती है तो आप गलत हैं."

उन्होंने कहा, "कम से कम जेटली को इस प्रतिबंध के खिलाफ खड़ा होना चाहिए था क्योंकि उनसे ज्यादा पंजाब की नशाखोरी की समस्या के बारे मे कौन जानता है."

अमरिंदर ने फिल्म के निर्माताओं की प्रशंसा करते हुए फिल्म को प्रमाणपत्र न दिए जाने को संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति की आजादी का उल्लंघन बताया.

आम आदमी पार्टी का आरोप

आम आदमी पार्टी राज्य मे नशे की समस्या को लेकर सरकार के खिलाफ आक्रामक आंदोलन कर रही है.

पार्टी ने आरोप लगाया है कि सीबीएफसी चालू बहाने बनाकर फिल्म की रिलीज में अड़ंगा लगाना चाहता है.

आम आदमी पार्टी की नेता और पंजाबी फिल्म कलाकार गुरप्रीत सिंह घुग्गी ने कहा कि सत्ताधारी दल ने करीब एक हफ्ते पहले ही फिल्म में पंजाब के चित्रण को लेकर आपत्ति जताई थी.

गुरप्रीत ने कहा, "अकाली दल केंद्र सरकार में साझीदार है इसलिए उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके उड़ता पंजाब पर रोक लगवाई है. अगर सीबीएफसी को लगता है कि फिल्म में बहुत ज्यादा गालियां हैं तो फिल्म के निर्देशक अभिषेक चौबे व्यस्क वर्ग के प्रमाणपत्र के साथ भी फिल्म रिलीज के लिए तैयार हैं."

आम आदमी पार्टी अकाली नेता बिक्रमजीत सिंह मजीठिया पर नशे के कारोबार में शामिल होने का आरोप लगाती है

आम आदमी पार्टी अकाली नेता बिक्रमजीत सिंह मजीठिया पर नशे के कारोपार को संरक्षण देने का आरोप लगाती रही है.

मजीठिया ने हाल ही में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह और आशीष खेतान पर मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है. 

मजीठिया द्वारा मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद संजय सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि पंजाब के राजस्व मंत्री मजीठिया छह हजार करोड़ के नशे का कारोबार में शामिल होकर राज्य की मानहानि कर रहे हैं. 

खबरों के अनुसार फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के बाद एक अकाली नेता ने इसपर सबसे पहले आपत्ति जताई थी लेकिन विवाद के बाद अकाली दल के प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा ने कहा है कि फिल्म देखे बिना उसपर टिप्पणी करना सही नहीं होगा. 

वहीं मीडिया खबरों के अनुसार फिल्म निर्माता फिल्म का 'कुछ अंश काटकर' बोर्ड को संतुष्ट करने का प्रयास करेंगे. हालांकि उनके पास सीबीएफसी के फैसले के खिलाफ ट्राइब्यूनल में जाने का भी विकल्प है. 

शनिवार को निर्माता-निर्देशक अनुराग कश्यप ने साफ किया कि फिल्म पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है. अनुराग फिल्म के सह-निर्माता हैं.

First published: 28 May 2016, 22:21 IST
 
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