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फेसबुक डाटा लीक मामला: जकरबर्ग ने मानी गलती, संसद में हंगामा कर सकती है भाजपा-कांग्रेस

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 March 2018, 10:28 IST

फेसबुक से 5 करोड़ लोगों का डाटा चोरी करने का खुलासा हुआ है. जिसके बाद बवाल मच गया है. यह डेटा अमेरिका समेत कई देशों से चोरी हुआ है. इसके बाद भारत में भी इसकी आंच पहुंच गई है. सूचना प्रौद्योगिकी एवं कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने फेसबुक के सीईओ मार्क जुकेरबर्ग को चेतावनी देते हुए कहा है कि फेसबुक भारत के चुनाव में दखल करने की जुर्रत न करे.

इस बीच मार्क जुकरबर्ग ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए फेसबुक पर पोस्ट लिखा है. जुकरबर्ग ने लिखा कि हम अपनी गलती कबूलते हैं. उन्होंने लिखा कंपनी ने इस मामले में अभी तक कई कदम उठाए हैं और आगे भी कड़े कदम उठा सकती है. उन्होंने कहा कि हम मानते हैं कि लोगों के डेटा को सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है, अगर हम इसमें फेल होते हैं तो ये हमारी गलती है.

उन्होंंने कहा कि हमसे कई गलतियां हुई हैं लेकिन इसको सुधारने पर काम किया जा रहा है. मार्क ने लिखा कि फेसबुक को मैंने शुरू किया था, इसके साथ अगर कुछ भी होता है तो इसकी जिम्मेदारी मेरी ही है, हम अपनी गलतियों से सीखने की कोशिश करते रहेंगे. उन्होंने कहा कि हम एक बार फिर आप सबका विश्वास जीतेंगे.

वहीं खबर है कि इस मुद्दे पर संसद में बवाल मच सकता है. खबर है कि दोनो मुख्य पार्टियां कांग्रेस और बीजेपी इस मुद्दे पर हंगामा कर सकती हैं. इससे पहले रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर भी आरोप लगाया कि 2019 का चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस डेटा चोरी की आरोपी रिसर्च फर्म कैंब्रिज एनालिटिका की सेवाएं ले रही है.

रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को मार्क जुकरबर्ग को आगाह करते हुए कहा कि अगर चुनाव प्रक्रिया को अवांछित तरीके से प्रभावित करने की कोशिश की गई, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

भारत में 20 करोड़ लोग फेसबुक का इस्तेमाल कर रहे हैं. यह अमेरिका के बाहर कंपनी का सबसे बड़ा बाजार है. रविशंकर प्रसाद ने जुकरबर्ग को चेताते हुए कहा कि आईटी कानून में हमारे पास काफी अधिकार हैं, हम इनका इस्तेमाल करेंगे. आपको भारत में समन भी किया जा सकता है.

इस बारे में एनालिटिका के सीईओ ने बताया था कि कंपनी फेसबुक से चुराए हुए यूजर्स के डेटा से साइकोलॉजिकल प्रोफाइलिंग करती है. इसके जरिये क्लाइंट के समर्थन में जानकारी प्लांट तो होती ही है. बल्कि विरोधी के खिलाफ भी आसानी से गलत सूचनाएं प्लांट करती है.

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दरअसल चुनावों में इसका असर यह होता है कि ज्यादातर जनमत बदल जाता है. गलत जानकारियां पाकर लोग अपना मत बदल देते हैं. अगर भारत की बात की जाए तो यहां 20 करोड़ से ज्यादा फेसबुक यूजर्स हैं. इनमें से ज्यादातर लोग 18 से 35 की उम्र के लोग हैं, जो राजनीतिक दलों द्वारा फैलाई गई गलत जानकारी को सच समझकर राय बना लेते हैं.

 

वहीं कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि 2014 से भाजपा ओवलेन बिजनेस इंटेलीजेंस कंपनी की सेवाएं ले रही है. वह वही कंपनी है. इसे भाजपा के सहयोगी जदयू सांसद केसी त्यागी के बेटे चलते हैं. 2009 में राजनाथ सिंह भी इसकी सेवा ले चुके हैं.

बता दें कि भारत के अलावा अमेरिकी और ब्रिटिश मीडिया का भी दावा है कि कैंब्रिज एनालिटिका ने अमेरिका में 5 करोड़ फेसबुक यूजर्स के डेटा का गलत इस्तेमाल कर ट्रम्प को जिताने में मदद की थी.

First published: 22 March 2018, 9:21 IST
 
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