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फेसबुक फ्री बेसिक्सः कुछ भी मुफ्त नहीं मिलता जनाब

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 December 2015, 7:48 IST
QUICK PILL
  • फ्री बेसिक्स नेट न्युट्रैलिटी की दिशा में एक बड़ा कदम सिद्ध हो सकता है. आज सुबह तकरीबन सभी ने अपने फेसबुक नोटिफिकेशंस में इससे जुड़ा एक संदेश देखा होगा.
  • मूलतः फेसबुक क्या कर रहा है? इसने एक साथ भारी तादाद में लोगों को अपने साथ जोड़कर फ्री बेसिक्स के लिए समर्थन जुटाना शुरू किया है.

आज सुबह तकरीबन सभी ने अपने फेसबुक नोटिफिकेशंस में देखा होगा कि उनके दोस्तों ने मुफ्त इंटरनेट ("फ्री इंटरनेट") के समर्थन में अपना वोट दे रखा है. फेसबुक ने आम लोगों को बेहद जरूरी इंटरनेट सुविधाएं मुफ्त में मुहैया करवाने के लिए समर्थन बटोरने के मकसद से इस अभियान की शुरुआत की है.

नेट न्यूट्रैलिटी की दिशा में यह एक बड़ा कदम साबित हो सकता है. फेसबुक ने इस नए अभियान के जरिए अपने फ्री बेसिक्स प्रोजेक्ट के लिए समर्थन जुटाना शुरू कर दिया है.

फेसबुक ने इसके लिए स्पेशल पेज बनाया है, जिसके जरिए यूजर्स "फ्री बेसिक्स" के समर्थन में टेलीकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राइ) को संदेश भेज सकते हैं.

एक्ट नाउ टू सेव फ्री बेसिक्स इन इंडिया नाम के इस कैंपेन के जरिए फेसबुक यूजर्स ट्राइ को संदेश दे सकते हैं

‘एक्ट नाउ टू सेव फ्री बेसिक्स इन इंडिया’ नाम के इस कैंपेन के जरिए फेसबुक यूजर्स ट्राइ को यह संदेश दे सकते हैं कि वे भारत में फ्री बेसिक्स का समर्थन करते हैं.

फेसबुक पेज पर दिया गया संदेस हैं- 'टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया, मैं डिजिटल बराबरी का समर्थन करता/करती हूं. फ्री बेसिक्स के जरिए महत्वपूर्ण इंटरनेट सेवाओं तक मुफ्त में पहुंच संभव होती है. इसमें कम्युनिकेशन, एजुकेशन, हेल्थकेयर, रोजगार, कृषि आदि शामिल हैं. यह उन लोगों के लिए मददगार होगा जो इंटरनेट डाटा की कीमत नहीं दे सकते या जो ऑनलाइन नही हैं.

इसका फायदा आम जनता, डेवलपर्स, मोबाइल ऑपरेटर सबको होगा. देश में अभी भी करोड़ों लोगों तक इंटरनेट की पहुंच नहीं है. ऐसे में फ्री बेसिक्स कमजोर वर्ग को बहुत फायदा पहुंचा सकता है.

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इसी साल नेट न्यूट्रैलिटी के समर्थकों ने सेव द इंटरनेट नाम से एक अभियान शुरू किया था. इसका मकसद इंटरनेट डॉट ओआरजी का विरोध करना था. अब फेसबुक ने इसका नाम बदल कर फ्री बेसिक्स कर दिया है.

फेसबुक ने रिलायंस कम्युनिकेशंस के साथ मिल कर फ्री बेसिक्स ऑफर की शुरुआत की थी. इसका शाब्दिक अर्थ है कि मुफ्त में इंटरनेट शेयरिंग का प्लेटफार्म. फेसबुक ने फ्री बेसिक्स ऐप ऐंड्रॉयड फोन्स के लिए उपलब्ध कराया है.

इसकी साइट पर लिखा है, 'अगर आप आज फैसला नहीं लेंगे तो भारत फ्री इंटरनेट बेसिक्स की सुविधा हासिल करने में पिछड़ जाएगा. इससे सभी भारतीयों को डिजिटल समानता पहुंचाने की दर धीमी पड़ जाएगी. ट्राई को यह बताएं कि आप फ्री बेसिक्स और डिजिटल समानता का समर्थन करते हैं'
First published: 19 December 2015, 7:48 IST
 
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