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दिल्ली में बने वॉर रूम से Facebook लोकसभा चुनावों पर ऐसे रखेगा कड़ी नजर

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 March 2019, 14:11 IST

2019 चुनाव से पहले फेसबुक अपने प्लेटफॉर्म पर फर्जी खबरों को फैलने से रोकने के लिए दिल्ली में एक संचालन केंद्र (वॉर रूम) शुरू करने की योजना बना रहा है, जो सोशल मीडिया के दिग्गजों के साथ मेनलो पार्क (कैलिफोर्निया) डबलिन और सिंगापुर के दफ्तरों के संपर्क में रहेगा. चुनाव सामग्री की यह 24 घंटेनिगरानी  करेगा. इस कदम के साथ फेसबुक का लक्ष्य भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) के साथ निरंतर जुड़ाव को समझना है कि यह कैसे सुनिश्चित कर सकता है कि आने वाले चुनाव अपने मंच पर दुरुपयोग और गलत सूचना से सुरक्षित हैं.

चुनाव के दौरान अपने मंच के दुरुपयोग को रोकने में असमर्थता को लेकर फेसबुक पर भारत लगातर दबाव बनाता रहा है. फेसबुक के लिए चुनावों पर वॉर रूम बनाकर निगरानी रखने के मामले में अमेरिका के बाद भारत दूसरा देश है. कई क्रॉस-फंक्शनल टीमें होंगी जो प्लेटफ़ॉर्म के विभिन्न पहलुओं जैसे कि सामग्री, नीति, कानूनी, पर नज़र रखेंगी, जबकि कुछ चुनाव आयोग के साथ मिलकर काम करेंगे. फेसबुक ने पहले ही अपने चुनावी प्रयासों को तेज कर दिया है और भारत में चुनाव पर पहले से ही 40 टीमें काम कर रही हैं.

फेक न्यूज़ के लिए लेगा इन फैक्ट चैकर्स की मदद 

फेसबुक की पहली बड़ी प्राथमिकता नकली खातों को हटाना है जो गलत सूचना का स्रोत हैं. जबकि वायरल हो रही फर्जी खबरों को कम करना भी फेसबुक का प्रमुख मकसद है. फेसबुक का कहना है कि यह एक प्रौद्योगिकी मंच है, न कि सच्चाई का एक मध्यस्थ है, इसलिए झूठी खबरों की पहचान करने और उनकी समीक्षा करने में में वह फैक्ट चेकर्स की मदद लेगा. कंपनी ने सात कंपनियों- BOOMLive, AFP, India Today Group, Vishvas.news, Factly, Newsmobile और Fact Crescendo के साथ साझेदारी की है. यह अंग्रेजी, हिंदी, बंगाली, तेलुगु, मलयालम और मराठी सहित सभी भाषाओं में उपलब्ध है.

तीसरा चरण फेसबुक पर राजनीतिक विज्ञापन के लिए अधिक से अधिक पारदर्शिता और प्रामाणिकता बनाने के लिए है. अमेरिका, ब्राजील और यूके में इसकी सफलता के बा भारत में विज्ञापनों की पारदर्शिता का खाका तैयार किया गया है. इसमें विज्ञापनदाताओं के लिए प्राधिकरण प्रक्रिया और अस्वीकरण प्रक्रिया शामिल है जो विज्ञापन को रखने वाले के बारे में अधिक जानकारी प्रदान करती है. इसके अलावा इस महीने से कंपनी ने भारत में एक साप्ताहिक विज्ञापन संग्रह रिपोर्ट प्रकाशित करना शुरू कर दिया है, जो विभिन्न जानकारियों को सूचीबद्ध करता है जैसे कि शीर्ष व्ययकर्ता, यह सुनिश्चित करने के लिए कि सभी जानकारी सार्वजनिक डोमेन में है.

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First published: 11 March 2019, 14:08 IST
 
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