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Farm Bills 2020: कृषि बिलों के खिलाफ पंजाब में रेल रोको आंदोलन शुरू, कृषि मंत्री ने कांग्रेस पार्टी से पूछे सवाल

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 September 2020, 12:48 IST

Farm Bills 2020: केंद्र के कृषि बिलों के विरोध में पंजाब में किसानों ने आज से तीन दिवसीय 'रेल रोको' आंदोलन शुरू कर दिया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आंदोलन के चलते फिरोज़पुर डिवीजन से चलने वाली स्पेशल ट्रेनों को 24 से 26 सितम्बर तक आंशिक रूप से रद्द कर दिया गया है. किसान मजदूर संघर्ष समिति के महासचिव सरवन सिंह पंढेर ने पिछले हफ्ते कहा था कि हमने राज्य में 24 से 26 सितंबर तक कृषि बिलों के खिलाफ आंदोलन करने का फैसला किया है.

25 सितंबर को एक और किसान संगठन ने राज्यव्यापी 'बंद' का आह्वान किया है. प्रदर्शनकारियों को चिंता है कि बिल वर्तमान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) प्रणाली को समाप्त कर देगा और किसानों को बड़े कॉर्पोरेट की दया पर छोड़ दिया जायेगा. हालांकि सरकार का दावा है कि एमएसपी प्रणाली नहीं बदलेगी और नए बिलों से किसानों को अधिक लाभ होगा.


नए कृषि कानून पर किसानों के विरोध के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने एक इंटरव्यू में कहा कि किसानों के हित में एक के बाद एक कई कदम उठाए गए लेकिन इन सबके बावजूद जब तक कानूनों में बदलाव नहीं होता तब तक किसान के बारे में हम जो उन्नति का सोच रहे थे वो संभव नहीं थी इसलिए भारत सरकार ने दो अध्यादेश बनाए जिनको अब जारी कर दिया गया है''.

 

ANI के साथ बातचीत में उन्होंने कहा ''कृषक उपज व्‍यापार और वाणिज्‍य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020 और दूसरा कृषक (सशक्‍तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्‍वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020. ये दोनों विधेयक निश्चित रूप से किसान को जो APMC की जंजीरों में जकड़ा हुआ था उससे आजाद करने वाले हैं.''

कृषि मंत्री ने कहा ''हमारा जो एक्ट है वो किसान को मंडी के बाहर किसी भी स्थान से किसी भी स्थान पर अपनी मर्जी के भाव पर अपना उत्पाद बेचने की स्वतंत्रता देता है. उन्होंने कहा '' पंजाब CM से पूछना चाहता हूं कि आपने चुनाव के समय अपने घोषणापत्र में क्यों कहा था कि आप APMC एक्ट को बदल देंगे, टैक्स को खत्म कर देंगे और अंतरराज्यीय व्यापार को बढ़ावा देंगे. कांग्रेस अपने नेशनल घोषणापत्र में भी ये बात रखती है और राज्य घोषणापत्र में भी.''

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा ''कांग्रेस का कोई भी नेता चाहे वो केंद्र का हो या राज्य का हो उसे पहले ये बोलना चाहिए कि हमने जो घोषणा अपने घोषणापत्र में की थी अब हम उससे पलट रहे हैं तो मैं उनका आर्ग्युमेंट सुनने को तैयार हूं.'' तोमर ने कहा ''कांग्रेस का नेतृत्व बौना हो गया है...कांग्रेस में जो अच्छे लोग हैं उनकी पूंछ समाप्त हो गई है. जिन लोगों के हाथ में नेतृत्व है उनकी कोई हैसियत देश में बची नहीं है.''

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First published: 24 September 2020, 12:00 IST
 
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