Home » इंडिया » Farm laws won’t be repealed, govt tells farmers; next round of talks on Jan 8
 

Farmers Protest: सरकार और किसान संगठनों की सातवें दौर की बातचीत रही बेनतीजा, अब 8 जनवरी को होगी अगली मीटिंग

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 January 2021, 19:39 IST

सोमवार को सरकार और किसान संगठनों के बीच सातवें दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही है. सरकार ने साफ किया है कि वो तीनों नए कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी तो दूसरी तरफ किसान संगठनों ने साफ किया है कि जब तक सरकार कानून वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. सरकार और किसान संगठनों के बीच अब 8 जनवरी को आठवें दौर की बातचीत होगी औैर माना जा रहा है कि उस बातचीत में कोई हल निकलेगा.

सरकार की तरफ से किसान संगठनों से बातचीत कर रहे केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, पीयूष गोयल और सोम प्रकाश
ने बातचीत में शामिल हुए 41 किसान संगठनों के नेताओं के कहा कि सरकार कानून के किसी भी प्रावधान की समीक्षा करने के लिए तैयार है, जिससे किसान संगठनों को दिक्कत है. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस बातचीत में शामिल एक किसान नेता ने बताया कि सरकार ने नेताओं से कहा कि वो सरकार को बताए कि उन्हें कानून के किस प्रावधान से दिक्कत है और क्या दिक्कत है, जिसके बाद बात बिगड़ गई.


सरकार और किसानों के बीच सोमवार को दो मुख्य एजेंडे - तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना और न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी वाला एक कानून लाना, पर बातचीत हुई. नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों का कहना है कि नए कानून से उनकी आजीविका को नुकसान होगा. वहीं किसान संगठन सरकार से नए कृषि उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी वाला एक कानून लाने की मांग कर रहे हैं.

खबरों के अनुसार, जोगिंदर सिंह उग्राहन जो इस बैठक में शामिल थे, उन्होंने बताया,"सरकार ने कहा कि वह तीन कृषि कानूनों की धाराओं के हिसाब से जाना चाहती है. उन्होंने कहा है कि कानून वापस नहीं होगा. हमने उनसे कहा कि केवल एक ही रास्ता है, जो कि कानूनों को निरस्त करना और न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी वाला कानून लाना." वहीं ब्रेक से पहले सरकार ने किसानों से कहा है कि वो पहले न्यूनतम समर्थन मूल्य पर चर्चा करना चाहती है, जिसे किसान संगठनों ने मना कर दिया है.

वहीं इस मीटिंग के बाद केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा,"हम किसानों के साथ तीनों कानूनों पर बिंदूवार चर्चा करना चाहते थे. लेकिन हम कोई निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सके क्योंकि किसान तीनों कानून को रद्द करने की मांग पर अड़े हुए थे. आज की वार्ता के बाद हमें उम्मीद है कि अगली वार्ता के दौरान हम कोई निष्कर्ष पर पहुंचेंगे."

नरेंद्र सिंह तोमर ने आगे कहा,"हमें देशभर के बाकी राज्यों के किसानों से भी बात करनी होगी क्योंकि हमें बाकी देश के किसानों का हित भी देखना है. बहुत से राज्यों के किसान और संगठन इन तीनों कानूनों का समर्थन कर रहे हैं. उनका मानना है कि इससे किसानों का फायदा होगा. उन सब से बातचीत करने के बाद ही मैं आपको बता पाऊंगा. इसलिए 8 जनवरी मीटिंग रखी गई है. किसानों ने कहा कि ताली दोनों हाथों से बजती है."

इससे पहले सोमवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में हुई मीटिंग की शुरूआत से पहले किसान संगठन और सरकार ने दो मिनट का मौन उन किसानों के लिए रखा जिन्होंने इस आदंलोन के दौरान अपनी जान गंवाई है.

Farmer Protest: सरकार और किसान संगठनों की सातवें दौर की बातचीत रही बेनतीजा, अब 8 जनवरी को होगी अगली मीटिंग

First published: 4 January 2021, 19:30 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी