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Farmers Protest: सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति से बात भी नहीं करना चाहते किसान नेता

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 January 2021, 18:04 IST

Farmers Protest: तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में पिछले काफी दिनों से किसान दिल्‍ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने आज तत्काल प्रभाव से तीनों कानूनों पर रोक लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर मंथन करने के लिए एक चार सदस्यीय टीम का गठन किया है. हालांकि किसान इसका विरोध कर रहे हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित 4 सदस्‍यीय कमेटी से किसान कृषि कानूनों को लेकर कोई चर्चा करने को राजी नहीं हैं. किसान संगठन तीनों कृषि कानूनों को रद्द किए जाने के अलावा किसी भी बात को मानने से राजी नहीं हैं. 

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को तीनों कृषि कानूनों के कार्यान्वयन पर अगले आदेश तक रोक लगाई है. गतिरोध को हल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट न केंद्र सरकार और किसान यूनियनों के बीच बातचीत की सुविधा के लिए एक समिति गठित की है. अदालत से जब कहा गया कि किसान यूनियन समिति के सामने पेश होने के लिए तैयार नहीं है तो तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि समाधान खोजने में रुचि रखने वाले ऐसा करेंगे.

कृषि कानूनों को चुनौती देने वाली याचिका दायर करने वाले एडवोकेट एमएल शर्मा ने अदालत को बताया कि किसानों ने कहा है कि वे अदालत द्वारा गठित किसी भी समिति के समक्ष उपस्थित नहीं होंगे''. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने कहा कि हम एक कमेटी बना रहे हैं ताकि हमारे पास एक स्पष्ट तस्वीर हो. हम यह तर्क नहीं सुनना चाहते कि किसान कमेटी में नहीं जाएंगे''.

 
First published: 12 January 2021, 17:58 IST
 
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