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Farmers Protest: आठवें दौर की बातचीत भी रही बेनतीजा, किसान बोले- या जीतेंगे या मर जाएंगे

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 January 2021, 17:59 IST

Farmers Protest: तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में पिछले लगभग डेढ़ महीने से किसान देशभर के कई इलाकों में आंदोलन कर रहे हैं. इस बीच किसान नेताओं और सरकार के बीच आज हुई आठवें दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही. अब अगली बातचीत 15 जनवरी को होगी. आज की बैठक दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित हुई है.

यह बैठक इस लिहाज से अहम थी कि 11 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में किसानों के आंदोलन को लेकर दायर कई याचिकाओं पर सुनवाई होनी है. इस सुनवाई के बाद 15 जनवरी को जो बैठक होनी है, उसमें सुप्रीम के फैसले से काफी असर पड़ने की उम्मीद है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बैठक में आज सरकार ने दो टूक कह दिया है कि नए कृषि कानून वापस नहीं होंगे.

इस बैठक के बाद ऑल इंडिया किसान सभा के जनरल सेक्रेट्री हन्ना मोल्लाह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार और हमारे बीच गर्मागर्म बहस हुई. हमने सरकार से साफ कह दिया है कि हम कृषि कानून की वापसी के अलावा कुछ नहीं चाहते हैं. हम इसके लिए कोर्ट भी नहीं जाएंगे, हम अपनी लड़ाई लड़ेंगे.

किसान नेता हन्ना मोल्लाह ने कहा कि 26 जनवरी को होने वाली किसानों की परेड पहले की ही तरह प्लान्ड है. 15 जनवरी को सरकार ने बातचीत करने के लिए फिर से बैठक बुलाई है. सरकार कानूनों में संशोधन की बात करती है, लेकिन हम कानून वापस लेने के अलावा कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे.

इस बैठक से एक दिन पहले किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकालकर सरकार को अपनी शक्ति का अहसास कराया था. वहीं आज  किसान नेताओं के साथ बैठक से पहले कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने साफ कहा था कि कानून वापसी के मुद्दे को छोड़कर सरकार हर मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार है. 

 

First published: 8 January 2021, 17:59 IST
 
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