Home » इंडिया » FCRA licence of activist Teesta Setalvad's NGO Sabrang cancelled
 

तीस्ता सीतलवाड़ के एनजीओ 'सबरंग ट्रस्ट' का एफसीआरए लाइसेंस रद्द

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 June 2016, 18:35 IST
(फाइल फोटो)

गुजरात दंगों के पीड़ितों की लड़ाई लड़ने वाली सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ के एनजीओ 'सबरंग ट्रस्ट' का विदेशी चंदा नियमन कानून (एफसीआरए) लाइसेंस गुरुवार को गृह मंत्रालय ने रद्द कर दिया.

तीस्ता के एनजीओ पर यह कार्रवाई कथित तौर पर एफसीआरए के उल्लंघन को लेकर हुई है. सितंबर 2015 में सबरंग का एफसीआरए लाइसेंस निलंबित कर दिया गया था और एनजीओ से 180 दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया था.

तीस्ता और उनके पति जावेद आनंद के खिलाफ विदेशों से आए धन के दुरुपयोग से लेकर गुजरात पुलिस और सीबीआई जांच कर रही है.

इस मामले में पिछले साल अगस्त महीने में सीबीआई ने उन दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया था. और उनके दो एनजीओ 'सबरंग ट्रस्ट' और 'सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस' के दफ्तरों पर छापे मारे थे.

गुजरात सरकार का आरोप है कि अमेरिका स्थित फोर्ड फाउंडेशन से तीस्ता ने अपने एनजीओ के लिए जो पैसे लिए उनका इस्तेमाल उन्होंने सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और विदेशों में भारत की छवि खराब करने के लिए किया.

इस महीने की शुरुआत में गृह मंत्रालय ने वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह के एनजीओ 'लॉयर्स कलेक्टिव' के खिलाफ कार्रवाई कर उसका लाइसेंस छह महीने के लिए निलंबित कर दिया था. उनके एनजीओ को किसी भी विदेशी संगठन से सहायता लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है.

यूपीए सरकार में अतिरिक्त सॉलीसिटर जनरल रही जयसिंह के एनजीओ पर एफसीआरए के उल्लंघन का आरोप है. पिछले साल सितंबर महीने में आई एक रिपोर्ट के अनुसार मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद 13,700 भारतीय और विदेशी एनजीओ के एफसीआरए लाइसेंसों को रद्द किया गया है.

First published: 16 June 2016, 18:35 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी