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संशोधनों के साथ जीएसटी बिल राज्यसभा में पेश, जेटली बोले टैक्स पर टैक्स नहीं लगेगा

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 August 2016, 15:26 IST
(राज्यसभा टीवी)

राज्यसभा में आज बहुप्रतीक्षित जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) बिल को संशोधनों के साथ पेश कर दिया गया. टैक्स सुधार की दिशा में इस बिल को केंद्र सरकार का बड़ा कदम माना जा रहा है.

लंबे अरसे से इस बिल को लागू करने के लिए आम सहमति बनाने की कोशिश की जा रही थी. राज्यसभा में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी बिल को सदन के पटल पर रखा.

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राज्यसभा में जीएसटी बिल पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि टैक्स सुधार की दिशा में यह सबसे सुधारात्मक कदम है.

जेटली ने जीएसटी का रास्ता साफ करने में सहयोग के लिए विपक्ष का शुक्रिया अदा किया. जेटली ने कहा, "इसके लिए बड़ी आम सहमति बनाने की कोशिश की गई. मैं सभी विपक्षी पार्टियों को धन्यवाद देने के साथ-साथ कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद का खास रूप से शुक्रगुजार हूं."

'यूनीफॉर्म मार्केट में बदलेगा भारत'

राज्यसभा में बिल के बारे में जानकारी देते हुए जेटली ने बताया कि जीएसटी में दो तिहाई वोटिंग पावर राज्यों की परिषद के पास है, जबकि एक तिहाई केंद्र सरकार के पास है.

जेटली ने कहा, "इस सिस्टम की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इससे भारत एक समान आर्थिक बाजार (यूनीफॉर्म इकोनॉमिक मार्केट) के रूप में तब्दील हो जाएगा. जीएसटी बिल से राज्यों की शक्ति बढ़ेगी. इससे राज्य के साथ-साथ केंद्र सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा. इससे सुनिश्चित होगा कि टैक्स पर और टैक्स नहीं लगेगा."

'जीएसटी के विचार का कभी विरोध नहीं'

वहीं कांग्रेस की तरफ से पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने चर्चा की शुरुआत की. चिदंबरम ने इस दौरान अरुण जेटली का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि वो वित्त मंत्री के दोस्ताना मिलाप कराने वाले भाषण का स्वागत करते हैं.

चिदंबरम ने कहा, "पिछले तीन-चार हफ्तों के दौरान इस बिल को लेकर सरकार की भाषा और दृष्टिकोण बदला है. मुझे यह साफ करने दें कि कांग्रेस ने कभी जीएसटी के विचार का विरोध नहीं किया." 

चिदंबरम ने साथ ही कहा, "2014 के बिल का हमने इसलिए विरोध किया, क्योंकि इसके पीछे हम चाहते थे कि और संपूर्ण बिल मुमकिन हो सकता है."

चिदंबरम ने कहा, "हमने पहले भी मुख्य विपक्षी पार्टी के समर्थन से अपने कार्यकाल के दौरान इस बिल को पास कराने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे. पिछले 18 महीनों में केंद्र सरकार ने बिना मुख्य विपक्षी पार्टी के समर्थन के इसे पास कराने की कोशिश की और मुझे खुशी है कि आप भी नाकाम रहे."

First published: 3 August 2016, 15:26 IST
 
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